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मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में स्थित बरदहा बांध का निर्माण वर्ष 1984 में हुआ था. उस समय इस बांध से निकली नहर के माध्यम से केवल 2 से 3 किलोमीटर तक के खेतों की सही सिंचाई हो पाती थी. सीमित क्षमता और समय के साथ बांध व नहरों के जर्जर होने के कारण इसका लाभ बहुत कम किसानों तक ही पहुंच रहा था. अब जिला प्रशासन ने लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना के पुनरुद्धार का कार्य शुरू कराया है. इस परियोजना के तहत बांध का विस्तार करने के साथ-साथ करीब 15 किलोमीटर लंबी नई नहर का निर्माण कराया जा रहा है. इसके पूरा होने के बाद लगभग 5 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.
चित्रकूटः बुंदेलखंड का चित्रकूट जिला लंबे समय से जल संकट की समस्या से जूझता रहा है. खासकर पाठा क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई हमेशा बड़ी चुनौती रही है. पर्याप्त पानी के अभाव में किसानों को खेती करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी पैदावार और आय दोनों प्रभावित होती थीं, लेकिन अब इस समस्या के समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया गया है. और मानिकपुर क्षेत्र स्थित बरदहा बांध का पुनरुद्धार किया जा रहा है, जिससे हजारों किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने वाली है.
5 हजार किसानो को मिलेगा लाभ
आप को बता दे कि मानिकपुर के पाठा क्षेत्र में स्थित बरदहा बांध का निर्माण वर्ष 1984 में हुआ था. उस समय इस बांध से निकली नहर के माध्यम से केवल 2 से 3 किलोमीटर तक के खेतों की सही सिंचाई हो पाती थी. सीमित क्षमता और समय के साथ बांध व नहरों के जर्जर होने के कारण इसका लाभ बहुत कम किसानों तक ही पहुंच रहा था. अब जिला प्रशासन ने लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना के पुनरुद्धार का कार्य शुरू कराया है. इस परियोजना के तहत बांध का विस्तार करने के साथ-साथ करीब 15 किलोमीटर लंबी नई नहर का निर्माण कराया जा रहा है. इसके पूरा होने के बाद लगभग 5 हजार से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.
बरदहा बांध के पुनरुद्धार के अंतर्गत कार्य शुरू
वही इस संबंध में चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बरदहा बांध के पुनरुद्धार के अंतर्गत कार्य शुरू है. इसमें बांध के अपस्ट्रीम हिस्से में क्षतिग्रस्त पिचिंग की मरम्मत, पैरापेट वॉल का पुनर्निर्माण, गाइड वॉल का निर्माण, स्लूइस वेल की मरम्मत,बांध की चौड़ाई 3.50 मीटर से बढ़ाकर 6.20 मीटर करने, फिल्टर की मरम्मत, सूट ड्रेन एवं टॉप ड्रेन की मरम्मत सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं. इसके अलावा निरीक्षण भवन की सुरक्षा के लिए प्रीकास्ट बाउंड्री वॉल का भी निर्माण कराया जा रहा है.
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद छेरिया, जारों माफी, करौहा, कल्याणपुर, नागर, बराह माफी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से किसान पहले की तुलना में अधिक उत्पादन कर सकेंगे.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें