आयकर विभाग ने पूर्व मंत्री आजम खां व उनके परिजनों की जौहर ट्रस्ट को कारण बताओ नोटिस थमाया है। विभाग ने ट्रस्ट को मंगलवार को अपना पक्ष रखने के लिए पेश होने को कहा है। यह कार्रवाई ट्रस्ट को आयकर में दी जाने वाली छूट में हुईं गड़बड़ियों से जुड़ी हैं, जिसमें संतोषजनक जवाब नहीं देने पर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन और आयकर छूट का प्रमाण पत्र निरस्त किया जा सकता है।
आयकर विभाग के प्रधान आयकर आयुक्त (केंद्रीय) गौरव बॉथम की नोटिस में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए ट्रस्ट द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस में मस्जिद और समाजवादी पार्टी के कार्यालय भवन का निर्माण, अनुमति से अधिक भूमि पर कब्जा, यूनिवर्सिटी के भवनों की लागत को कम बताना, बोगस डोनेशन, डमी ट्रस्टी बनाने, जनहित में कोई काम नहीं करने आदि से जुड़े सवाल पूछे गए हैं।
बता दें कि भाजपा विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत के बाद आयकर विभाग ने सितंबर 2023 में जौहर ट्रस्ट से संबंधित लोगों के ठिकानों पर छापे मारकर सबूत जुटाए और जांच-पड़ताल के बाद नोटिस थमाया गया है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने जब डमी ट्रस्टी से पूछताछ की तो उन्होंने कबूला कि ट्रस्टी बनाए जाने के बारे में उन्हें पता तक नहीं था। वहीं, आयकर विभाग ने जौहर यूनिवर्सिटी में बने 59 भवनों के निर्माण में आई लागत की जांच सीपीडब्ल्यूडी से कराई थी। इसमें करीब 494 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई थी जबकि जौहर ट्रस्ट ने सिर्फ 46 करोड़ रुपये व्यय होने का दावा किया था। इसके अलावा इन भवनों के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोप भी नोटिस में लगाए गए हैं।