लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार (22 जून) दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया. 3 मंजिला इमारत में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया. इमारत में चल रहे एनीमेशन कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे कई बच्चे और अन्य लोग अंदर फंस गए. जान बचाने के लिए कुछ लोगों को ऊंचाई से कूदना पड़ा, जबकि कई लोग पाइप के सहारे नीचे उतरकर बाहर निकले. हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है.
घायलों को इलाज के लिए केजीएमयू में भर्ती कराया गया था. केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि 15 लोग मृत अवस्था में अस्पताल लाए गए थे. एक लड़के की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है. कुल 11 घायलों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 9 को छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो लोगों का इलाज अभी भी चल रहा है.
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मुख्यमंत्री ने रद्द किए दौरे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंगलवार के हाथरस और आगरा दौरे रद्द कर दिए हैं. शाम को मुख्यमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें पूरे मामले की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए.
2 सदस्यीय SIT करेगी जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. इसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं.
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं.
बिल्डिंग मालिक समेत तीन गिरफ्तार
अलीगंज थाने में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
गिरफ्तार आरोपियों में बिल्डिंग मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और एनीमेशन कोचिंग सेंटर संचालक तुषार कृष्णा जायसवाल शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
4 अधिकारियों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आने के बाद चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इनमें एक्सईएन कलेक्शन जानकीपुरम गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और जेई प्रमोद पांडे शामिल हैं.
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फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल सका है. SIT और अन्य जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं.
शुरुआती तौर पर फायर सेफ्टी में गंभीर लापराही की आशंका जताई जा रही है. इस हादसे ने एक बार फिर शहर में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.