उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जिला कारागार एक बार फिर सवालों के घेरे में है. जेल की चारदीवारी के अंदर बंद एक सजायाफ्ता कैदी ने जेल प्रशासन और सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कैदी द्वारा अपने परिजनों को जेल के पीसीओ नंबर से की गई कॉल की ऑडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं.
वायरल ऑडियो में कैदी ने आरोप लगाया है कि जेल में तैनात दरोगा ने उसके साथ मारपीट की, उसके रुपये छीन लिए और विरोध करने पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.
कैदी ने लगाया मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप
अलीगढ़ जेल में पिछले करीब पांच वर्षों से बंद सजायाफ्ता कैदी टीटू ने अपने भाई को फोन कर जेल के अंदर हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी. कैदी ने फोन पर बताया कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसे खाने में कुछ मिलाकर दिया गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई. इतना ही नहीं उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी बैरक बदल दी गई है और उसे किसी भी उच्च अधिकारी से मिलने नहीं दिया जा रहा है.
वायरल ऑडियो में कैदी की आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें वह अपने भाई से मदद की गुहार लगाते हुए कह रहा है कि अगर उसके साथ जेल के अंदर कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होगी. उसने अपने भाई से कहा कि उसकी बेटी द्वारा उसका अंतिम संस्कार कराया जाए. इस बातचीत के सामने आने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
पांच वर्षों से बंद है टीटू
कैदी टीटू के भाई संदीप ने बताया कि वह बुलंदशहर जिले के थाना पहासु क्षेत्र के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई टीटू पुत्र रेशमपाल सिंह जिला कारागार अलीगढ़ में पिछले पांच वर्षों से बंद हैं. संदीप के मुताबिक, उनके भाई ने जेल के पीसीओ नंबर से फोन कर उन्हें बताया कि उनके साथ जेल में मारपीट की जा रही है.
संदीप ने आरोप लगाया कि उनके भाई ने फोन पर बताया कि जेल में तैनात दरोगा संजय यादव द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है. पैसे छीनने और विरोध करने पर मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं. इसके अलावा कैदी ने यह भी बताया कि उसे दूध के साथ जलेबी खिलाई गई, जिसमें कुछ मिला होने की आशंका है, जिसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई.
अन्य कैदी भी कर रहे मारपीट
कैदी के भाई का कहना है कि उनके भाई ने बातचीत में बताया कि जेल की बैरक नंबर 30 में बंद एक अन्य बंदी जीतेंद्र द्वारा भी उसके साथ मारपीट की जा रही है. आरोप है कि जब वह अपनी शिकायत किसी अधिकारी तक पहुंचाना चाहता है तो उसे मिलने नहीं दिया जाता. संदीप का कहना है कि उनका भाई जेल प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है.
संदीप ने बताया कि उनके भाई का फोन जेल के पीसीओ नंबर से सप्ताह में करीब दो बार आता है. सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे भी उनकी अपने भाई से बात हुई थी, जिसमें भाई ने बताया कि उसके साथ लगातार गलत व्यवहार किया जा रहा है और संभव है कि उसका फोन भी बंद कर दिया जाए. इसके बाद वह अपने भाई से मिलने के लिए जिला कारागार अलीगढ़ पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि उन्हें मुलाकात नहीं करने दी गई.
जेल प्रशासन ने आरोपों को नकारा
इस पूरे मामले ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि आखिर जेल के अंदर बंद कैदियों के साथ व्यवहार की निगरानी किस तरह की जा रही है. अगर वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोप सही हैं तो यह जेल सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी.
वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ जेल अधीक्षक पंकज कुमार से जब जानकारी की तो उनके द्वारा बताया गया,बंदी का जो ऑडियो वायरल कराया गया है वो जेल प्रशासन पर दवाब बनाने के लिए प्रीप्लान के तहत कराया गया है. बंदी को बुलाकर उससे बातचीत की गई है. किसी तरह पैसे छीनने व मारपीट जैसी घटना का होना नही पाया गया है. बंदियो की सुरक्षा को लेकर जेल प्रसाशन हेमशा अलर्ट रहता है, फिलहाल पूरी घटना का जेल प्रशासन की ओर से खंडन किया गया है.