सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए जनता को सुरक्षा मानकों के नाम पर परेशान कर रही है। सवाल किया कि क्या पिछले 10 साल से सरकार सो रही थी। एक दिन में इतना स्टाफ कहां से आया कि पूरे प्रदेश में हजारों लोगों को जांच के बाद नोटिस थमा दिया गया। आपि लगाया कि अब सुरक्षा मानकों और अनुमति आदि के नाम पर करोड़ों की उगाही का खेल शुरू हो गया है और भाजपाई आपदा में सम्पदा ढूंढ लेते हैं।
एक बयान जारी कर अखिलेश ने कहा कि कोचिंग संस्थानों को बंद करने से, उन लाखों बच्चों का क्या होगा जो तैयारी कर रहे हैं। इससे अच्छा तो नोटिस देकर सुरक्षा मानकों के लिए तुरंत व्यवस्था करने के निर्देश दिए जाएं, जिससे किराये पर रह रहे बच्चों के कोर्स समय पर खत्म हो सकें।
अहंकार विवेक हर लेता है, भ्रम चकनाचूर : सपा प्रमुख
अखिलेश ने कहा कि अहंकार विवेक हर लेता है। जो दूर से ये धारणा बनाये बैठे थे कि ‘कोई’ ईमानदार है। जन-सेवा में निस्वार्थ भाव से लगा है। उन्होंने कहा कि माननीय का ‘म्यूट कर दिया गया वो वीडियो’ देखकर उनका भी सारा भ्रम टूटकर चकनाचूर हो गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो व्यक्ति सैकड़ों कैमरों के सामने दुखी परिवार को सांत्वना देने की जगह अपने कठोर हाव-भाव के साथ बोल रहा हो, वो कितना संवेदना शून्य होगा, अब ये बात खुल गई है। सपा प्रमुख ने कहा कि सबसे ज्यादा ठेस इनके सबसे बड़े उन प्रशंसकों और समर्थकों को लगी है क्योंकि वो जब ये सोचकर देख रहे हैं कि कहीं ऐसी दुखद घटना उनके परिवार के साथ घटती और ऐसा दुर्व्यवहार होता तो क्या होता। अखिलेश यादव ने कहा कि कटु-वचन वाणी का ये पहला उदाहरण नहीं है। तंज कसा कि अब क्या माननीय ये कहेंगे कि पूरी दुनिया में फैल चुका उनका वीडियो एआई जेनरेटेड है।