उत्तर प्रदेश के महोबा में 10 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में एक किसान को सरेआम गोली मार दी गई. मवेशी चराकर लौट रहे किसान पर दबंग पिता-पुत्र ने लाठी-डंडों से हमला करने के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे एक गोली उनके पेट में जा लगी. घायल किसान को नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू कर दिया है.
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ शुरू की, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जबकि आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, चरखारी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गौरहरी गांव में बुधवार की शाम 56 वर्षीय किसान फूल सिंह राजपूत शाम के वक्त अपने मवेशी चराकर घर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान रास्ते में घात लगाकर बैठे गांव के ही रामगोपाल राजपूत और उसके पुत्र राहुल ने उन्हें रोक लिया. दोनों आरोपी गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से फूल सिंह पर टूट पड़े और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया.
पीड़ित किसान ने जब इस गुंडई का विरोध किया, तो पिता-पुत्र आगबबूला हो गए और दौड़कर अपने घर के अंदर से बंदूक और अवैध तमंचा निकाल लाए. इससे पहले कि फूल सिंह कुछ समझ पाते या अपनी जान बचाने के लिए भागते, आरोपी रामगोपाल ने अपनी बंदूक से उन पर सीधा फायर झोंक दिया. पहली गोली फूल सिंह के पास से निकल गई और वह बाल-बाल बच गए. लेकिन तभी उसके बेटे राहुल ने अपने तमंचे से दूसरा फायर किया, जिसकी गोली सीधे फूल सिंह के पेट में जा धंसी. गोली लगते ही किसान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिससे गांव में दहशत फैल गई.
अस्पताल में जारी है इलाज
वारदात की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई. जिला अस्पताल के डॉक्टर यतेंद्र पुरवार ने बताया कि एम्बुलेंस द्वारा लाए गए इस गनशॉट मरीज का आपातकालीन वार्ड में प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
वहीं क्षेत्राधिकारी चरखारी दीपक दुबे ने बताया कि मामला पूरी तरह पुलिस के संज्ञान में है. घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और चिकित्सीय परीक्षण के साथ-साथ मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.