भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी मामले में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं. शनिवार (27 जून, 2026) को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने बिलौटी गांव पहुंचे. उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और न्याय की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया.
बिलौटी पहुंचने पर अजय राय सबसे पहले भरत तिवारी की मां आशा देवी से मिले. उन्होंने उन्हें प्रणाम करते हुए कहा कि उनका बेटा भरत तिवारी वीर था. न्याय मिलने तक कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी रहेगी. इसके बाद उन्होंने पिता और अन्य परिजनों से भी बातचीत की.
इस दौरान भरत के छोटे भाई चंदन तिवारी ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि परिवार को लगातार पुलिस प्रशासन की ओर से दबाव और धमकियां दी जा रही हैं. परिजनों की बातें सुनने के बाद अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अन्याय के खिलाफ हमेशा लड़ती रही है और इस मामले में भी परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी. उन्होंने कहा कि जहां भी अन्याय होगा, कांग्रेस वहां आवाज उठाएगी और भरत तिवारी के मामले में भी पीछे नहीं हटेगी.
राहुल गांधी तक पहुंचाई जाएगी बात
महापंचायत के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने इस दौरान अजय राय से आग्रह किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी बिलौटी गांव आकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करें. इस पर अजय राय ने भरोसा दिलाया कि वह राहुल गांधी से इस संबंध में बात करेंगे और उन्हें यहां आने का आग्रह करेंगे.
अजय राय ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की तथा भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. उनके साथ बक्सर के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
यह भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में इंसाफ की मांग तेज, महापंचायत संयोजक बोले- ’30 जून तक सरकार…’
‘जहां-जहां भाजपा की सरकार वहां जंगलराज’
मीडिया से बातचीत में अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी की सरकारों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां “जंगलराज” जैसी स्थिति बनी हुई है. उन्होंने कहा कि यदि भरत तिवारी के परिवार के किसी भी सदस्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई तो कांग्रेस पार्टी पूरे देश में आंदोलन करेगी.
अजय राय ने कहा कि भरत तिवारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और गरीबों की लड़ाई लड़ रहे थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी शासित राज्यों में ब्राह्मण समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक पुराने एनकाउंटर का उल्लेख करते हुए कहा कि भरत तिवारी की घटना भी सुनियोजित तरीके से हुई है. हालांकि, यह उनके राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
अजय राय ने भरत तिवारी की मौत की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की संख्या पुलिस के दावे से अलग है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए.
यह भी पढ़ें- भरत तिवारी एनकाउंटर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, एक-दो नहीं 5 गोलियां लगने की पुष्टि