राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल, चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों ने दिल्ली में बैठे शीर्ष पदाधिकारियों व अधिकारियों को जानकारी दी थी। वहीं से निर्देश मिले कि मामले को किसी तरह से खत्म करो। तब ये सभी पदाधिकारी खुद जांच अधिकारी बनकर संदिग्धों से पूछताछ करने लगे और रुपयों की बरामदगी करने लगे। जब मामला मीडिया में पहुंचा तो सभी सकते में आ गए। भद्द पिटने के बाद पहले एसआईटी जांच की सिफारिश और आखिर में केस दर्ज कराया।