Akhilesh Yadav: राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी मामले में भले ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो गई है, लेकिन विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर तंज कसते हुए कहा कि चोर-चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई, देखो जा रहा वो भाजपाई, जिसने खाई राम की पाई।
दरअसल, अखिलेश यादव रविवार, 28 जून को दिवसीय यात्रा पर प्रयागराज पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी की नीतियों को जनता के हितों के बजाय दान चोरी पर आधारित बताया। इतना ही नहीं उन्होंने दावा किया कि दान चोरी के तार महाराष्ट्र और कर्नाटक से जुड़े हैं।
BJP की निगाहें नेशन नहीं, डोनेशन पर- अखिलेश
सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इनकी निगाहें नेशन पर नहीं, डोनेशन पर है। जो लोग नेशन फर्स्ट कहते थे, उनके लिए अब डोनेशन फर्स्ट लग रहा है। हमारी आस्था और श्रद्धा से जो खिलवाड़ हुआ है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।’
भाजपा का नाम ‘भाचपा’ रखना चाहिए- अखिलेश
इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा के शब्दकोश में धर्म और आस्था न होने की बात कही। उन्होंने भाजपा की प्राथमिकता धन को बताया। वह कहते हैं कि भाजपा का नाम ‘भाचपा’ रख देना चाहिए, क्योंकि इसमें सिर्फ चतुराई, चंदा, चालबाजी और चोरी भरी हुई है।
अखिलेश ने CM योगी पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने आगे कहा, ‘यह लोग देश से पहले चंदे को अहमियत देते हैं। जो मुख्यमंत्री अयोध्या जाने का विश्व रिकॉर्ड बना रहे थे, उन्हें वहां जाने के बाद भी यह जानकारी नहीं मिली। इसलिए कहावत बनी है- चिराग तले अंधेरा। वे कितनी बार वहां गए, फिर भी उन्हें इसकी कोई खबर नहीं लगी।’
‘धर्म की आड़ में गड़बड़झाला स्वीकार नहीं’
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सनातन धर्म के संरक्षण और सम्मान के पक्ष में है। हालांकि, धर्म की आड़ लेकर किए जाने वाले किसी भी अनैतिक कार्य या गड़बड़झाले को स्वीकार नहीं किया जा सकता।