डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बुधवार को अपना 100वां स्थापना दिवस मनाते हुए शताब्दी वर्ष (2026-27) का औपचारिक शुभारंभ किया। खंदारी स्थित जयप्रकाश नारायण सभागार में आयोजित समारोह में विश्वविद्यालय की 100 वर्षों की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक और सामाजिक उपलब्धियों को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं और शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि वर्ष 1927 में स्थापित विश्वविद्यालय ने एक सदी के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विकास में अहम भूमिका निभाई है। यहां से पढ़े हजारों विद्यार्थी शिक्षा, न्यायपालिका, चिकित्सा, प्रशासन, विज्ञान, साहित्य, उद्योग और सामाजिक क्षेत्र में देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुके हैं। समारोह में विश्वविद्यालय की इसी गौरवशाली यात्रा को विशेष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दिखाया गया। कार्यक्रम के दौरान शताब्दी वर्ष के लिए तैयार किए गए विशेष स्मारक सिक्के और स्मारक डाक पोस्टकार्ड का सार्वजनिक विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इनका डिजाइन पहले ही संबंधित मंत्रालय के सहयोग से तैयार किया जा चुका था। साथ ही बताया गया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं कुलाधिपति सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपलब्धता और स्वीकृति मिलने के बाद शताब्दी वर्ष के राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन्हीं आयोजनों में विश्वविद्यालय की 100 वर्षों की यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री का प्रथम प्रदर्शन और लोकार्पण भी किया जाएगा। समारोह के साथ स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित दीक्षांत पार्क में तीन दिवसीय ‘सेंटेनरी एग्जीबिशन’ का भी शुभारंभ हुआ। प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के 100 वर्षों के इतिहास से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज, पुराने दीक्षांत समारोहों की झलकियां, ऐतिहासिक तस्वीरें, शोध एवं नवाचार, विभिन्न संकायों और विभागों की उपलब्धियां प्रदर्शित की गईं। सामाजिक कार्य विभाग, केएमआई विभाग के संग्रहालय, इतिहास विभाग, इनक्यूबेशन सेंटर, सामुदायिक रेडियो, खेल विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संगीत, पेंटिंग और हस्तकला से जुड़े विशेष स्टॉल भी लगाए गए। प्रदर्शनी विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और आम लोगों के लिए निःशुल्क रखी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि शताब्दी वर्ष के दौरान करीब 100 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें टीबी पोषण पोटली वितरण, एचपीवी टीकाकरण अभियान, विशाल पौधारोपण, साइकिल यात्रा, सांस्कृतिक महोत्सव, ट्रेडिशनल गेम्स फेस्टिवल, योग महोत्सव, यूथ पार्लियामेंट, गोद लिए गए गांवों में सामाजिक कार्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियां, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, पर्यावरण संरक्षण अभियान, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, पूर्व छात्र सम्मेलन, नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियां, युवा और खेल प्रतियोगितियां तथा समाजोन्मुखी जनकल्याणकारी अभियान शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय की 100 वर्षों की यात्रा केवल समय का इतिहास नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, समर्पण और उत्कृष्टता की निरंतर साधना का प्रमाण है। उनका कहना था कि शताब्दी वर्ष को केवल समारोह तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए जनभागीदारी का अभियान बनाया जाएगा। कुलसचिव अजय मिश्रा ने कहा कि यह शताब्दी समारोह विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पूर्व छात्रों के सामूहिक योगदान का उत्सव है। वहीं शताब्दी समारोह समिति के संयोजक प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा ने बताया कि पूरे वर्ष आयोजित होने वाले कार्यक्रम विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज से उसके जुड़ाव को और मजबूत करने का माध्यम बनेंगे।
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आज आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूरे हुए 100 साल:शताब्दी समारोह में दिखेंगी यूनिवर्सिटी की उपलब्धियां, 100 कार्यक्रम होंगे आयोजित