समिट बिल्डिंग के भीतर संगठित गिरोह सोलेरिस सॉल्यूशन के नाम से फर्जी कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। जनवरी 2025 में खोले गए इस सेंटर से गिरोह ने अमेरिकी नागरिकों से करीब 250 करोड़ से अधिक रुपयों की वसूली की। गिरोह के निशाने पर बुजुर्ग या विदेशी महिलाएं रहती थीं। इस मामले में विभूति खंड थाने में केस दर्ज किया गया है।
डीसीपी क्राइम अनिल यादव के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। अब तक की छानबीन में सामने आया है कि टेली कॉलर्स 30 से 40 हजार रुपये वेतन लेते थे। कॉल सेंटर में काम करने वालों के लिए अंग्रेजी अनिवार्य थी ताकि वे विदेशी नागरिकों से बात कर सकें।
सभी को ट्रेनिंग भी दी गई थी। कॉलर ठगी के लिए वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल सिस्टम का इस्तेमाल करते थे। इनके साथी यूएस में भी मौजूद हैं, जो सभी को गाइड करते थे। मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। गिरोह में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।