गोरखपुर में चल रहे सघन पल्स पोलियो अभियान की हकीकत जानने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजेश झा गुरुवार की दोपहर बेलघाट ब्लॉक के गांवों में पहुंचे। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम के साथ ढेकूनाथ और चउतरा गांव में घर-घर चल रहे अभियान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीमों के कामकाज को देखा और बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने की व्यवस्था का जायजा लिया। हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की दो बूंद निरीक्षण के दौरान CMO ने कहा कि पोलियो से बचाव के लिए हर बच्चे तक दवा पहुंचाना बहुत जरूरी है। उन्होंने टीमों को निर्देश दिए कि कोई भी घर छूटना नहीं चाहिए और पांच साल तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद पीने से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखना है डॉ. राजेश झा ने बताया कि भारत वर्ष 2011 से पोलियो मुक्त है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए हर अभियान में सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समय पर दी गई पोलियो की दो बूंद बच्चों को इस गंभीर बीमारी से बचाती है और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है। जिले में 1,848 टीमें कर रही हैं काम CMO ने बताया कि गोरखपुर में पांच साल तक के 6,38,065 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले में 1,848 टीमें लगाई गई हैं। इनमें घर-घर जाने वाली, ट्रांजिट और मोबाइल टीमें शामिल हैं। 1 जुलाई तक 4,52,474 बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जा चुकी है। 3 जुलाई तक चलेगा अभियान उन्होंने बताया कि घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने का अभियान 3 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान जो बच्चे किसी कारण से छूट जाएंगे, उन्हें चिन्हित कर दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 6 जुलाई को विशेष अभियान चलाकर बाकी बच्चों को भी कवर किया जाएगा, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित न रहे। निरीक्षण के दौरान WHO के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनय शंकर और उनकी टीम भी मौजूद रही। CMO ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की।
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गोरखपुर में CMO ने परखा पल्स पोलियो अभियान:WHO टीम के साथ किया फील्ड निरीक्षण, घर-घर पहुंचने के दिए निर्देश