- दावेदारों पर मंथन के बाद हाईकमान अंतिम नाम तय करेगा.
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. प्रत्याशी चयन से पहले पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को खत्म करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के उद्देश्य से शनिवार को दतिया के मोटल होटल में बड़ा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इसे कांग्रेस के लिए बेहद अहम बैठक माना जा रहा है.
जानकारी के अनुसार पहले यह सम्मेलन गुरुवार को प्रस्तावित था, लेकिन प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की व्यस्तता और चुनाव की गंभीरता को देखते हुए इसकी तारीख बदल दी गई. सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और सांसद अशोक सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.
‘चंपत राय जाएंगे जेल, मैं पीएम मोदी के संपर्क में…’ चढ़ावा चोरी मामले पर विनय कटियार की दो टूक
दतिया सीट से टिकट की दौड़ में कौने से नाम शामिल?
दतिया सीट से टिकट की दौड़ में पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और दर्जा प्राप्त पूर्व राज्य मंत्री अवधेश नायक के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. वहीं, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की ओर से बेटे अनुज भारती के लिये मजबूत दावेदारी की जा रही है. इसके अलावा जिलाध्यक्ष अशोक दांगी बगदा और शहर कांग्रेस अध्यक्ष अजय शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान जिला पंचायत सदस्य राम किंकर गुर्जर, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री राधे लाल बघेल भी दावेदारों में शामिल हैं
अवधेश नायक लगा रहे पूरा जोर
साल 2023 के विधानसभा चुनाव की चर्चा भी एक बार फिर तेज हो गई है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उस समय अंतिम समय में अवधेश नायक का टिकट कट गया था और राजेंद्र भारती को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बनाया गया था. इसी वजह से इस बार अवधेश नायक अपनी दावेदारी को लेकर पूरी ताकत से सक्रिय हैं और समर्थकों की लामबंदी में जुटे हुए हैं.
बैठक में कौन से नाम के शामिल होने की खबरें?
सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई इस बैठक में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह, सांसद अशोक सिंह, जिला संगठन प्रभारी रामलखन दंडोतिया और विधानसभा प्रभारी दशरथ गुर्जर भी मौजूद रहेंगे. पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों, मोर्चा संगठनों और कार्यकर्ताओं को सम्मेलन में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए हैं.
माना जा रहा है कि पहले खुले मंच पर बैठक होने के बाद जिले के खास पदाधिकारी और दावेदारों के साथ बंद कमरे की बैठक में प्रत्याशी के नाम पर अंतिम मंथन होगा. हालांकि उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर पार्टी हाईकमान की अनुमति के बाद ही लगाई जाएगी.
बीजेपी में खुश नहीं हैं अरुण गोविल? अखिलेश यादव के करीबी सांसद के दावे ने बढ़ा दी हलचल