इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक ने नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स और मल्टीलेवल पार्किंग भवन के बिजली बिल व रखरखाव खर्च की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार से बजटीय अनुदान देने की सिफारिश की है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मनजीत सिंह श्योरण ने 5 जुलाई 2026 को कानून विभाग के प्रमुख सचिव उदय प्रताप सिंह को इस संबंध में पत्र (सं. PS(RG)/113/2026) भेजा है। जानये क्या है पूरा मामला हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष व महासचिव ने 12 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र लिखकर नवनिर्मित भवन के बिजली व रख-रखाव खर्च के लिए 24 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का बजटीय अनुदान/सब्सिडी देने का अनुरोध किया था, ताकि यह भार अधिवक्ताओं पर न पड़े। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 7 जून 2026 को मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की, जिसमें मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने 3 जुलाई 2026 को मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद हाईकोर्ट को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह मामला सकारात्मक सिफारिश के साथ राज्य सरकार को भेजा जाए, ताकि बजटीय सहायता मिल सके।ठ रजिस्ट्रार जनरल ने मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर यह सारे पत्र संलग्न करते हुए राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि यह मामला मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के समक्ष सहानुभूतिपूर्वक विचार व आदेश हेतु प्रस्तुत किया जाए। पत्र की प्रति बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे और एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्षख सग़ीर अहमद को भी भेजी गई है। नवनिर्मित अधिवक्ता चैंबर्स के आवंटन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। चेंबर किराये का विरोध अधिवक्ता लंबे समय से कर रहे हैं।मांग है कि कुछ निश्चित राशि जमा कराकर चेंबर आवंटित किया जाय। किराया न लिया जाए। महानिबंधक के पत्र से उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।
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अधिवक्ता भवन को 24 करोड़ रुपये सालाना अनुदान की सिफारिश:हाईकोर्ट : महानिबंधक ने लिखा प्रमुख सचिव न्याय को पत्र