हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी के दौरान पुलिस, बिजली, जल और टेलीफोन समेत आवश्यक सेवाओं में तैनात सरकारी कर्मचारियों को ‘कोरोना वॉरियर'( कोरोना से लड़ने वाले योद्धा) माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि ऐसे कर्मचारी कोविड ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गंवाते हैं तो उनके आश्रितों को राज्य सरकार की अनुग्रह सहायता योजना का लाभ मिलेगा। इस महत्वपूर्ण टिप्पणी के साथ न्यायालय ने कोरोना ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए हेड कांस्टेबल बलवंत प्रताप की पत्नी सेम्मा भारती की याचिका मंजूर कर ली। खंडपीठ ने राज्य सरकार को आठ सप्ताह के भीतर उन्हें 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, 27 अगस्त 2024 का वह आदेश भी रद्द कर दिया गया है, जिसके जरिए सेम्मा भारती का दावा पहले खारिज कर दिया गया था।