लखनऊ में लेसा के अमौसी जोन में बिजली कनेक्शन जारी करने में बड़े स्तर पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। विभागीय जांच में तीन अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) समेत 14 कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम अब सभी आरोपियों को चार्जशीट जारी क
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जांच के मुताबिक, अमौसी जोन के ग्रामीण क्षेत्र में कनेक्शन जारी करते समय नियमों की अनदेखी की गई। जिन उपभोक्ताओं को 70 रुपये प्रति वर्गफीट योजना के तहत बिजली कनेक्शन मिलना चाहिए था, उन्हें भारी-भरकम डिपॉजिट का एस्टीमेट थमा दिया गया। वहीं, जिन मामलों में बड़े एस्टीमेट के आधार पर कनेक्शन जारी होना था, वहां मिलीभगत कर सामान्य शुल्क पर ही कनेक्शन दे दिए गए। इससे विभाग को राजस्व का नुकसान हुआ।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब विभाग ने रिजेक्ट किए गए कनेक्शनों और बाद में उसी पते पर जारी नए कनेक्शनों के रिकॉर्ड का मिलान किया। गड़बड़ी मिलने पर ऊर्जा प्रबंधन में शिकायत की गई, जिसके बाद मुख्य अभियंता राम कुमार और अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने पूरे मामले की जांच की। समिति ने अनियमितताओं की पुष्टि करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से राजस्व नुकसान की भरपाई कराने की सिफारिश की है।
अब मध्यांचल प्रबंधन सभी आरोपियों को चार्जशीट जारी कर स्पष्टीकरण मांगेगा। जवाब के आधार पर विभागीय कार्रवाई के साथ जुर्माने की वसूली भी की जाएगी।
जांच के दायरे में आए कर्मचारी
जांच में तत्कालीन एक्सईएन विवेक प्रकाश, नीरज और जय सिंह, एसडीओ मुश्ताक अहमद मंसूरी, अनुभव कुमार सिंह और प्रशांत कुमार गिरि, जेई दिनेश कुमार, विनीत कुमार, विजय कुमार, अरशद, राजेश कुमार, रविन्द्र कुमार और अमित भारद्वाज, तथा टीजी-2 राजेश कुमार शामिल हैं। विभाग के अनुसार, जांच में शामिल सभी कर्मचारियों का तबादला अब अमौसी जोन से अन्य स्थानों पर हो चुका है।