उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. दरअसल, सपा प्रमुख ने गुरुवार (9 जुलाई) को एक बयान में कहा था कि राम मंदिर का सिर्फ सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए. इस पर पलटवार करते हुए अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि इस बयान से अखिलेश यादव की सोच सामने आ गई है. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख की मंशा अयोध्या में फिर से बाबरी मस्जिद बनवाने की है.
अनिल राजभर ने कहा कि वह पहले भी यह बात कह चुके हैं और आज फिर दोहरा रहे हैं कि अगर अखिलेश यादव को मौका मिल जाए तो वह राम मंदिर हटाकर वहां दोबारा मस्जिद बनवा दें.
उन्होंने कहा कि आज अखिलेश यादव के दिल की बात उनकी जुबान पर आ गई है. राम मंदिर का ढांचा बदलने की बात यह साफ बताती है कि उनकी मानसिकता क्या है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का बयान इस बात का प्रमाण है कि वह राम मंदिर को लेकर क्या सोच रखते हैं.
‘जांच को प्रभावित करना चाहते हैं अखिलेश’
कैबिनेट मंत्री ने राम मंदिर में दान चोरी के मामले की जांच का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लगातार एसआईटी की जांच पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सरकार पहले ही जांच के आदेश दे चुकी है.
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी साफ कहा है कि जांच पूरी होने दी जाए और किसी तरह की जल्दबाजी न की जाए. ऐसे में अखिलेश यादव आखिर क्यों इतने बेचैन हैं?
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राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लगातार बयान देकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पहले जांच पूरी होने दीजिए, उसके बाद जो तथ्य सामने आएं, उन पर बात कीजिए. जांच पूरी होने से पहले रोजाना बयानबाजी करना ठीक नहीं है.
गौरतलब है कि गुरुवार को अखिलेश यादव ने कहा था कि राम मंदिर का सिर्फ सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है. उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है.