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Cricketer Sameer Rizvi Story: मेरठ के युवा क्रिकेटर समीर रिजवी की सफलता की कहानी उन माता-पिता के लिए एक बड़ी सीख है जो बच्चों के खेलकूद को लेकर चिंतित रहते हैं. समीर के पिता भी उनके क्रिकेट प्रेम से परेशान थे, लेकिन मामा और कोच तनकीब अख्तर के समझाने के बाद समीर को आगे बढ़ने का मौका मिला. आईपीएल 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा 8.40 करोड़ रुपये में खरीदे गए इस विस्फोटक बल्लेबाज ने सीके नायडू ट्रॉफी में 312 रन बनाकर इतिहास रचा है. आज वे गांधी बाग में अभ्यास करने वाले सैकड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं.
मेरठ: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर उनका नाम रोशन करें. लेकिन कई बार जब बच्चे बचपन में पढ़ाई-लिखाई की जगह खेलकूद में ज्यादा रुचि दिखाते हैं, तो माता-पिता चिंतित हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ कभी मेरठ के लालकुर्ती के रहने वाले समीर रिजवी के घर में भी देखने को मिला था. समीर के पिता क्रिकेट के प्रति उनकी बढ़ती रुचि को देखकर काफी परेशान रहते थे और कई बार उन्हें खेलने से मना भी करते थे. लेकिन समीर रिजवी के क्रिकेट के जुनून को देखते हुए उनके मामा और क्रिकेट कोच तनकीब अख्तर ने परिवार को समझाया. इसके बाद लगातार कठिन परिश्रम की बदौलत समीर आज इतिहास रच रहे हैं. लोकल-18 की टीम ने समीर रिजवी के मामा और कोच तनकीब अख्तर से इस बारे में खास बातचीत की.
बचपन से था क्रिकेट का अनोखा जुनून
समीर के क्रिकेट कोच तनकीब अख्तर ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई के सिलसिले में समीर रिजवी के घर पर रहने आए थे. वह रोज अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ क्रिकेट ग्राउंड में युवाओं को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने जाते थे. तब समीर भी उनके साथ जाने की जिद करते थे, इसलिए वे उन्हें अपने साथ ले जाने लगे. धीरे-धीरे समीर का क्रिकेट के प्रति लगाव बहुत बढ़ गया. वह पहले फील्डिंग, फिर बॉलिंग और उसके बाद बैटिंग भी करने लगे, जिसमें वे बहुत बेहतरीन शॉट मारते थे. इसके बाद उन्होंने समीर को प्रोफेशनल क्रिकेट सिखाने का निर्णय लिया और परिवार को इसके लिए राजी किया. उन्होंने बताया कि समीर ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में खुद को साबित किया है और अब आईपीएल सहित कई बड़े मंचों पर परचम लहरा रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में समीर टीम इंडिया में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को जीत दिलाएंगे.
सचिन और धोनी को मानते हैं अपना आदर्श
कोच ने बताया कि समीर रिजवी सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी को अपना आदर्श मानते हैं. साल 2024 में आईपीएल के दौरान समीर को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की तरफ से खेलने का मौका मिला था, जहां उन्होंने धोनी से क्रिकेट के कई बड़े गुण सीखे. समीर रिजवी एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आज वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. मेरठ के जिस गांधी बाग ग्राउंड में कभी समीर खुद प्रैक्टिस करते थे, आज वहां दर्जनों युवा समीर की तरह बनने के लिए दिन-रात पसीना बहा रहे हैं. समीर खुद भी समय-समय पर मैदान में आकर इन युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं.
अंडर-19 और सीके नायडू ट्रॉफी में रचा इतिहास
बताते चलें कि समीर रिजवी कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी के दौरान सौराष्ट्र के खिलाफ खेलते हुए महज 266 गेंदों पर 33 चौकों और 12 छक्कों की मदद से 312 रन बनाकर तिहरा शतक यानी ट्रिपल सेंचुरी का इतिहास रच चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने अंडर-19 में भी 327 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी. उनकी इसी शानदार फॉर्म को देखते हुए साल 2024 के आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 8 करोड़ 40 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा था. दाएं हाथ का यह विस्फोटक बल्लेबाज लगातार अपनी बेहतरीन पारियों के बदौलत क्रिकेट की दुनिया में चर्चा में बना हुआ है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें