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Ground Report District Jail Ayodhya: अयोध्या दान चोरी मामले में हिरासत में लिए गए आरोपियों को जिला जेल में रखा गया है. उनकी सुरक्षा व्यवस्था इतनी मजबूत है कि वे आपस में एक दूसरे से मिल भी नहीं सकते हैं. प्रत्येक आरोपियों की बैरक पर दो-दो सुरक्षा कर्मियों की तैनात हैं. जेल प्रशासन चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है. किसी भी कैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया जा रहा है. जेल मैनुअल के तहत सभी आरोपियों के साथ नियमों के अनुसार व्यवहार किया जा रहा है.
Ayodhya Ground Report News: राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं. इन आठों आरोपियों को जिला कारागार अयोध्या में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है. हम आपको ग्राउंड रिपोर्ट के जरिए बताने जा रहे हैं कि वहां कैसा माहौल है. उनकी रातें कैसी गुजर रही हैं. क्या वे आपस में मिलजुल पा रहे हैं. क्या जेल प्रशासन उनको स्पेशल ट्रीटमेंट कर रही है? क्या उनको स्पेशल या फिर आम कैदी की तरह आम बैरक में ही रखा गया है? सबकुछ बताएंगे.
जेल से हमारे रिपोर्टर ने बताया कि जेल प्रशासन ने सभी आरोपियों को अलग-अलग बैरकों में रखने का फैसला किया है, ताकि वे आपस में किसी भी तरह का संपर्क न कर सकें और जांच प्रभावित न हो. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जेल प्रशासन हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है.
कौन-कौन आरोपी इस जेल में कैद हैं?
दान चोरी केस में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, मनीष यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, रामशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को इसी जेल में रखा गया है. जेल अधिकारियों के अनुसार सभी को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है. किसी भी आरोपी को दूसरे आरोपी से मिलने या बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई है. इसके पीछे उद्देश्य यह है कि आरोपियों के बीच किसी प्रकार की आपसी रणनीति या साक्ष्यों को प्रभावित करने की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके.
प्रत्येक बैरक पर दो-दो सुरक्षाकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था की बात की जाए तो प्रत्येक आरोपी की बैरक पर दो-दो सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है. जेल प्रशासन की ओर से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जेल मैनुअल के तहत सभी आरोपियों के साथ नियमों के अनुसार व्यवहार किया जा रहा है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है.
केवल एक घंटे बैरक से बाहर निकलने की अनुमति
जेल नियमों के मुताबिक आरोपियों को दिनभर बैरक में ही रह रहे हैं. उनको 24 घंटे में केवल एक घंटे के लिए बैरक से बाहर निकलने की अनुमति दी जा रही है. इस दौरान भी उनकी गतिविधियों पर सुरक्षा कर्मियों की पैनी नजर रहती है. किसी भी आरोपी को बिना अनुमति दूसरे बैरक या अन्य बंदियों के संपर्क में आने की इजाजत नहीं है.
जेल अधीक्षक ने क्या बताया-
जिला कारागार अयोध्या के जेल अधीक्षक ने बताया कि सभी आरोपियों की सुरक्षा, निगरानी और जेल के भीतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन अदालत और शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है.गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर इस मामले में बीते बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज किया गया था.आरोप है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया.शुक्रवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया.
सोमवार के पेशी होनी है
सोमवार को सभी आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया जा सकता है. इस दौरान जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई और आवश्यक रिमांड अथवा अन्य कानूनी प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष अदालत के समक्ष रख सकती हैं. वहीं पूरे मामले पर प्रशासन, जांच एजेंसियों और आम लोगों की नजर बनी हुई है, क्योंकि यह मामला श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और उसकी सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें