नई दिल्ली (Heavy Rain School Closed Update). देश में मानसून की एंट्री हो चुकी है. दिल्ली-एनसीआर की धुआंधार बारिश हो, मुंबई की रफ्तार थामने वाला बरसात, उत्तराखंड के डराने वाले पहाड़ी रास्ते, गुजरात के जलमग्न शहर या यूपी की उफनती नदियां- हर तरफ पानी का ही राज है. भारी बारिश और हर तरफ लगे लंबे ट्रैफिक जाम की वजह से आम जनजीवन पटरी से उतर गया है. मौसम विभाग लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी कर रहा है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद हो चुका है.
मुंबई और आस-पास के इलाके: रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच स्कूल बंद
मुंबई और उसके सैटेलाइट शहरों (ठाणे, नवी मुंबई, पालघर और रायगढ़) में मानसून की शुरुआत से ही भारी बारिश का दौर जारी है. मौसम विभाग की तरफ से जारी ऑरेंज और रेड अलर्ट के बीच महानगर पालिका (BMC) और स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों में भी छुट्टी की घोषणा कर दी है. लगातार हो रही बारिश से कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और लोकल ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं.
दिल्ली-एनसीआर: सड़कों पर भरा पानी, गाजियाबाद में स्कूल बंद
उत्तराखंड: भूस्खलन का साया, कई पहाड़ी जिलों में स्कूल बंद
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मानसून का आना अपने साथ लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और अचानक आई बाढ़ का बड़ा खतरा लेकर आता है. मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए इन जिलों के DM ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है. पहाड़ों पर सफर करने वाले लोगों और बच्चों को नदियों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है.
गुजरात: बाढ़ की चपेट में कई शहर, प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी और तराई के जिलों में अलर्ट, स्कूल बंद के निर्देश
यूपी में भी मानसून के बादल जमकर बरस रहे हैं. विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश (मेरठ, मुरादाबाद, बागपत) और नेपाल सीमा से लगे तराई के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश की आशंका जताई गई है. जलभराव और बच्चों के आवागमन में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन ने कई जिलों में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है. प्रशासन ने सभी स्कूलों को इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है.