उत्तर प्रदेश के महोबा में अधिवक्ता सतीश अवस्थी पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. जिला अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष बालेंद्र पाराशर के नेतृत्व में वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर कचहरी के सामने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया.
पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और एनकाउंटर जैसी सख्त कार्रवाई की मांग की. करीब आधे घंटे तक चले इस हंगामे के बाद सीओ सिटी ने 24 घंटे में आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम को बरात पहाड़ी गांव के रहने वाले अधिवक्ता सतीश अवस्थी जब कचहरी से घर लौट रहे थे, तभी मुल्ला खुडा के पास घात लगाए दबंगों ने उन पर फायरिंग कर दी और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उन्हें मरणासन्न कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल से रेफर किया गया है. वकीलों का सबसे बड़ा गुस्सा पुलिस की हीलाहवाली को लेकर है.
जिला अधिवक्ता समिति के अध्यक्ष बालेंद्र पाराशर और महामंत्री राजेंद्र तिवारी का आरोप है कि वे लोग मंगलवार शाम 5:30 बजे से रात 11:00 बजे तक कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए बैठे रहे, लेकिन कोतवाल टालमटोल करते रहे. यहाँ तक कि एसपी और सीओ ने भी उनके फोन नहीं उठाए. पुलिस के इस रवैये से आहत होकर वकील सड़क पर उतर आए और आरोपियों के एनकाउंटर तक की मांग कर डाली.
सीओ सिटी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे
सड़क जाम और वकीलों के भारी हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी रविकांत गौड़ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने नाराज वकीलों को शांत कराया और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय मांगा, जिसके बाद जाम खुल सका. सीओ सिटी का कहना है कि मामले में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. वहीं, देरी से एफआईआर के आरोप पर उन्होंने कहा कि तहरीर मिलते ही तुरंत केस दर्ज किया गया था. फिलहाल, वकीलों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.