अब ऐसे होगी चढ़ावे की गिनती
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर दूर बने Pilgrim Facilitation Centre (PFC) के बेसमेंट में गिनती का कमरा है. यहां रोजाना मंदिर परिसर में लगी करीब 35 दानपेटियों का चढ़ावा लाकर गिना जाता है. यह काम दो शिफ्टों में होता है.
पहली शिफ्ट: सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक
दूसरी शिफ्ट: दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक
हर शिफ्ट में करीब 20 कर्मचारी नोटों और अन्य चढ़ावे की गिनती करते हैं.
अब पहननी होगी पॉकेटलेस यूनिफॉर्म
सबसे बड़ा बदलाव कर्मचारियों की ड्रेस को लेकर किया गया है. अब गिनती करने वाले सभी कर्मचारियों को आसमानी रंग का बिना जेब वाला (Pocketless) गाउन पहनना अनिवार्य होगा. यह गाउन केवल गिनती कक्ष के अंदर ही पहना जाएगा. इसके लिए अलग चेंजिंग रूम भी बनाया गया है. साथ ही हर बार तलाशी होगी.
नई व्यवस्था के तहत-
- ड्यूटी शुरू होने से पहले कर्मचारियों की तलाशी होगी.
- यूनिफॉर्म पहनने के बाद दोबारा सिक्योरिटी चेक होगा.
- यदि कोई कर्मचारी वॉशरूम जाएगा तो लौटने पर फिर से तलाशी ली जाएगी.
- CCTV कैमरों की निगरानी भी पहले से ज्यादा मजबूत कर दी गई है और जिन जगहों पर कैमरों की कमी थी, उन्हें भी कवर किया गया है.
ऐसे खुला चोरी का मामला
सूत्रों के मुताबिक, 3 जून को हुई एक औचक जांच में कर्मचारियों के वॉशरूम के वेंटिलेशन में छिपाकर रखी गई नकदी की एक गड्डी बरामद हुई थी. इसके बाद CCTV फुटेज खंगाली गई, जिसमें पहले एक कर्मचारी की भूमिका सामने आई और फिर जांच का दायरा बढ़ते-बढ़ते कई अन्य लोग भी जांच के घेरे में आ गए. इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें चढ़ावे की गिनती करने वाले कर्मचारी, एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर भी शामिल है. फिलहाल गिरफ्तार कर्मचारियों की जगह किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति नहीं की गई है. ट्रस्ट, SIT की रिपोर्ट आने के बाद आगे फैसला करेगा.
ये लोग गिरफ्तार
अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव.
श्रद्धालुओं का भरोसा डगमगाया
मंदिर आने वाले कई श्रद्धालुओं ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने दान नहीं किया. उनका कहना है कि यदि दान का सही इस्तेमाल नहीं होगा तो वे गरीबों, अस्पतालों या जरूरतमंदों की मदद करना ज्यादा बेहतर समझेंगे. हालांकि कुछ श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान राम के नाम पर दान देना उनका धर्म है और यदि किसी ने उस धन का दुरुपयोग किया है तो उसे भगवान स्वयं दंड देंगे.
हर महीने आता है करोड़ों का चढ़ावा
राम मंदिर में हर महीने औसतन 4 से 5 करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है. हालांकि चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि दान की राशि पर इसका कितना असर पड़ा है.
6 जुलाई की बैठक पर टिकी नजर
अब सभी की नजर 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक पर है. इसी बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला हो सकता है. साथ ही SIT जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है.