Chanda Chor Avinash Shukla Parents: राम मंदिर के चंदा चोरी मामले में एसआईटी की जांच के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हीं में से एक नाम अविनाश शुक्ला का भी है जो चढ़ावे की गणना में ड्यूटी करता था। बताया जाता है कि उसके बैंक खाते से लाखों रुपये बरामद किए गए हैं। इन आरोपों के बीच अविनाश के माता-पिता ने पहली बार पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला के पैतृक गांव प्रतापगढ़ के राजपुर बिंधन में मीडिया पहुंची, जहां उनके परिवार से बातचीत की। अविनाश शुक्ला के माता-पिता ने बताया कि उनका बेटा बचपन ही बेहद सीधा-सादा रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि उनके बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया है।
अविनाश को साजिश के तहत फंसाया जा रहा- पिता
परिजनों के अनुसार, अविनाश पिछले करीब एक साल से अयोध्या में रह रहा था। वह जब भी गांव आता था, घर के खर्च के लिए कुछ पैसे देकर जाता था। पिता का कहना है कि उनके बेटे को साजिश के तहत फंसाया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके बेटे ने कोई गलत काम किया है, तो उन्हें इसका बेहद दुख होगा।
धार्मिक प्रवृत्ति का है परिवार
माता-पिता ने बताया कि उनका परिवार धार्मिक प्रवृत्ति का है। उनके घर में लहसुन-प्याज तक का सेवन नहीं किया जाता। उनके अनुसार, बचपन से ही अविनाश का स्वभाव बेहद सरल और सीधा-सादा रहा है।
‘किसी के बहकावे में आकर गंदा काम…’
वहीं अविनाश की मां ने कहा कि बेटा ऐसा तो नहीं था। पता नहीं किसके बहकावे में आकर उसने ऐसा गंदा काम कर दिया हो। हो सकता है उसे किसी साथी ने अपने फायदे के लिए फंसा दिया हो। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही परिवार ने गांव में नया मकान भी बनवाया है।
बता दें कि अविनाश का पैतृक घर कच्चा है। घर के कुछ हिस्से पर टिन शेड रखा हुआ है। यहां उसके माता-पिता रहते हैं, जबकि बाकी भाई रोजगार के लिए अक्सर बाहर ही रहते हैं। अविनाश के पिता राम सजीवन शुक्ला और मां मिथलेश ने बताया कि उनके पांच बेटे हैं। इनमें से दो बेटे अयोध्या में रहते हैं जिनमें से एक शिक्षक है, जबकि दूसरा राममंदिर में कार्यरत था। बाकी तीन बेटे प्रतापगढ़ में रहते हैं।