Last Updated:
UP TET 2026: यूपी के लाखों शिक्षकों और शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPTET 2026 को लेकर दो अहम फैसले लिए हैं. अब सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी वहीं परीक्षा में शामिल होने वाले कार्यरत शिक्षकों को विशेष अवकाश भी मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से शिक्षकों को पदोन्नति और सेवा संबंधी अवसरों में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
UPTET Exam 2026,UPTET 2026 Update: यूपी टीईटी परीक्षा को लेकर नया अपडेट.
UP TET 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) को लेकर सेवारत शिक्षकों के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं. पहला अब कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)आयोजित की जाएगी. दूसरा यूपीटीईटी-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए विशेष अवकाश (स्पेशल लीव)भी दिया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों फैसलों को मंजूरी देते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं.
सेवारत शिक्षकों के लिए अलग से होगी TET
यूपीटीईटी-2026 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) को निर्देश दिया कि कार्यरत शिक्षकों के लिए अलग से शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए.मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सेवा नियमों में टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया है तो नौकरी कर रहे शिक्षकों को भी पदोन्नति और सेवा संबंधी अवसरों में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए इसलिए उनके लिए अलग से परीक्षा आयोजित करना जरूरी है, ताकि उन्हें समान अवसर मिल सकें.
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का मानना है कि कई शिक्षक पहले से सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं, लेकिन सेवा नियमों के तहत टीईटी की अनिवार्यता के कारण उन्हें भविष्य में पदोन्नति या अन्य लाभ लेने में दिक्कत हो सकती है.इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तय किया है कि सेवारत शिक्षकों के लिए अलग टीईटी आयोजित की जाएगी जिससे वे अपनी नौकरी प्रभावित किए बिना परीक्षा दे सकें.
दूसरी बड़ी राहत: परीक्षा के दिन मिलेगा विशेष अवकाश
योगी सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए दूसरी बड़ी राहत भी दी है. यूपीटीईटी-2026 में शामिल होने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को परीक्षा के दिन विशेष अवकाश दिया जाएगा.इस संबंध में विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से बेसिक शिक्षा निदेशालय को निर्देश जारी कर दिए गए हैं.निर्देश में कहा गया है कि 2 जुलाई, 3 जुलाई और 4 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षक शामिल होंगे. ऐसे में उन्हें परीक्षा में शामिल होने के लिए विशेष छुट्टी दी जाएगी.
परीक्षा देने में न हो परेशानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सेवारत शिक्षकों के हितों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टीईटी की अनिवार्यता को देखते हुए शिक्षकों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उन्हें परीक्षा देने में किसी तरह की परेशानी न हो.उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऐसे सभी जरूरी कदम उठाएगी जिससे शिक्षकों को उनके करियर और पदोन्नति से जुड़े अवसर आसानी से मिल सकें.
2 से 4 जुलाई तक होगी यूपीटीईटी परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 का आयोजन 2 जुलाई से 4 जुलाई तक किया जाएगा. परीक्षा राज्य के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर होगी.इस परीक्षा में करीब20 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है. इनमें लगभग 1 लाख 85 हजार सेवारत शिक्षक भी परीक्षा देंगे.
अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के विभिन्न जिलों में आने-जाने को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खास निर्देश दिए हैं.उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य प्रमुख परिवहन केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सहायता के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए.जरूरत पड़ने पर हेल्प डेस्क भी बनाए जाएं ताकि बाहर से आने वाले छात्रों और शिक्षकों को किसी तरह की परेशानी न हो. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीटीईटी प्रदेश के लाखों युवाओं और शिक्षकों के भविष्य से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण परीक्षा है. इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होनी चाहिए.उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा का सफल संचालन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह युवाओं के भविष्य और सरकार की जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ विषय है.
सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान सभी अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और तनावमुक्त माहौल मिले.उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षार्थी को आवागमन, ठहरने, सुरक्षा या अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए. इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पहले से पूरी तैयारी रखें.
सेवारत शिक्षकों के लिए बड़ी राहत
सरकार के इन दोनों फैसलों को सेवारत शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. अलग टीईटी आयोजित होने से उन्हें नौकरी के साथ परीक्षा देने का अवसर मिलेगा जबकि विशेष अवकाश मिलने से वे बिना किसी प्रशासनिक परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. वहीं सरकार का कहना है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जाएगा ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके.
About the Author

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी पर काम करते हैं. करीब 16 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय है. दै…और पढ़ें