उत्तर प्रदेश में तपिश और लू से दो-तीन दिनों बाद राहत मिल सकती है। दक्षिण पश्चिम मानसून अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 28 जून तक लू का असर जारी रहेगा। 29 जून को तापमान में भारी गिरावट की संभावना है।
राजधानी लखनऊ समेत बांदा, गाजीपुर, बलिया, सुल्तानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, अलीगढ़, बरेली, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद में शुक्रवार को लू का प्रभाव रहा। लखीमपुर खीरी, बाराबंकी और बहराइच भी तीव्र लू की चपेट में रहे। 43.2 डिग्री सेल्सियस के साथ लखीमपुर खीरी देश में दूसरा सबसे गर्म रहा।
चौथा सबसे गर्म रहा लखनऊ
रोहतक में सबसे अधिक 43.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। तीसरे नंबर पर 43 डिग्री तापमान के साथ बांदा और आगरा रहे। चौथे नंबर पर 42.4 डिग्री तापमान के साथ लखनऊ रहा। फतेहगढ़, अलीगढ़ और कानपुर में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री दर्ज किया गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 29 जून से प्रदेश में वर्षा का एक नया दौर शुरू होगा। जहां पर वर्षा नहीं भी होगी तो वहां पर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट 8 से 9 डिग्री तक हो सकती है।
प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना
30 जून से प्रदेश में व्यापक वर्षा की संभावना है। दक्षिण पश्चिम मानसून के आगामी तीन-चार दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। मानसून के प्रवेश के बाद आने वाले दिनों में यह तेजी से आगे बढ़ेगा।