चारबाग रेलवे स्टेशन पर शेड गिरने के पीछे रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) के अफसरों की लापरवाही सामने आई है। स्टेशन पर कॉन्कोर्स निर्माण के लिए प्लेटफॉर्म के यात्री शेडों में छेद (होल) कर पिलर खड़े किए जा रहे हैं। इसके कारण ही एक शेड ढह गया। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और मलबे के बीच ही यात्रियों की आवाजाही बने रहने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
वर्तमान में प्लेटफॉर्म नंबर छह-सात पर पिलर बन चुके हैं, जबकि प्लेटफॉर्म चार और पांच पर काम चल रहा है। इसी के तहत पिलर्स बनाने के लिए शेडों में होल किया जा रहा, ताकि उन्हें पूरी तरह तोड़ना न पड़े।
वहीं, प्लेटफॉर्म एक पर भी शेड तोड़े जा रहे हैं और वहां यात्रियों की भी आवाजाही है। रेल अधिकारियों का तर्क है कि ग्रीन जोन न होने के कारण प्लेटफॉर्मों को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे हजारों यात्रियों का सफर प्रभावित होगा।