उत्तर प्रदेश पाॅवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने स्मार्ट मीटर की ली गई अधिक कीमत लौटाना शुरू कर दिया है। स्मार्ट मीटर के अतिरिक्त शुल्क के रूप में 33.22 करोड़ रुपये लौटाई जा रही है। प्रदेश में अब तक कुल 91.77 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। इस माह 23.99 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस के माध्यम से उपलब्ध करा दिए गए हैं। शेष बिल 10 जुलाई 2026 तक जारी कर दिए जाएंगे।
एफपीपीएएस दर में कमी
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रावधानों के अनुसार जुलाई 2026 के विद्युत बिलों में लागू होने वाली फ्यूल एंड पाॅवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) की दर 4.43 फीसदी निर्धारित की गई है। यह जून 2026 में लागू 10 फीसदी की दर की तुलना में काफी कम है। जुलाई माह के विद्युत बिलों में उपभोक्ताओं पर एफपीपीएएस का भार कम होगा।
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सिक्योरिटी राशि भी लौटा रहे हैं
यूपीपीसीएल के निदेशक (वाणिज्य) प्रशांत वर्मा ने बताया कि पूर्व में पोस्टपेड से प्रीपेड में परिवर्तित हुए लगभग 83 लाख स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल में उनकी सिक्योरिटी राशि समायोजित की गई थी। अब पुनः पोस्टपेड में परिवर्तित किए जाने पर पूर्व में घटाई गई सिक्योरिटी राशि को उपभोक्ता के बिल में चार समान किस्तों में जोड़ा जाना है।
एसएमएस से दे रहे हैं भार बढ़ाने की सूचना
नियामक आयोग के टैरिफ प्रावधानों के अनुसार गत वित्तीय वर्ष की मासिक अधिकतम डिमांड के आधार पर 46.68 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार स्वतः अपडेट कर दिया गया है। इन उपभोक्ताओं का लगभग 3654 मेगावाट भार बढ़ाया गया है। भार वृद्धि की सूचना उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से भेजी जा रही है।