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रोहटा थाना क्षेत्र के एक गांव की बीए छात्रा की हत्या के मामले में बुधवार को कलक्ट्रेट के बाहर जमकर बखेड़ा हुआ। पीड़ित परिवार और सैकड़ों समर्थक दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी अंकुश के भाई पीएसी सिपाही अंकित व उसकी मां की गिरफ्तारी, दुष्कर्म की धाराएं जोड़ने तथा विवेचना में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए।

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लाठीचार्ज होते ही मची भगदड़
– फोटो : अमर उजाला
करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी अविनाश पांडे ने धरना खत्म कराने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। एसएसपी ने बंदी वाहन के भीतर एआईएमआईएम नेता एवं अधिवक्ता रवि गौतम को कई थप्पड़ भी मारे। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पूरी कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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कलेक्ट्रेट के बाहर लाठीचार्ज।
– फोटो : अमर उजाला
बीए छात्रा की हत्या के बाद परिजन कई दिनों से चौधरी चरण सिंह पार्क में धरना दे रहे थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे परिजन और सैकड़ों समर्थक कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कलक्ट्रेट के गेट बंद कर दिए। इस पर सभी प्रदर्शनकारी बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्रा की हत्या में शामिल बताए जा रहे दो अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।

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लाठीचार्ज करती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला
उनका कहना था कि मुख्य आरोपी अंकुश के भाई, पीएसी में सिपाही अंकित और उसकी मां को भी गिरफ्तार किया जाए। परिजनों ने मामले में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ने की भी मांग उठाई। धरने पर बैठे लोग एसएसपी अविनाश पांडे को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। सूचना मिलने पर एसपी देहात अभिजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन प्रदर्शनकारी उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुए।

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पुलिस से जाम खोलने के लिए कहती पुलिस।
– फोटो : अमर उजाला
धरने में पीड़ित परिवार के साथ एआईएमआईएम नेता एवं गाजियाबाद निवासी एडवोकेट रवि गौतम तथा भारतीय किसान यूनियन अंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी भी मौजूद रहे। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दोनों नेताओं की एसपी देहात अभिजीत कुमार से तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विवेचना में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग भी की। धरने के कारण करीब तीन घंटे तक कलेक्ट्रेट के बाहर यातायात बाधित रहा। पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा, जिससे शहर के अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति बन गई।