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Ghaziabad News: सावन के पवित्र महीने में शुरू होने वाली कावड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुचारु और तकनीक से लैस बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. पहली बार पूरे कावड़ रूट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों और टेथर्ड ड्रोन की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी.
गाजियाबाद: सावन के पवित्र महीने में शुरू होने वाली कावड़ यात्रा को लेकर गाजियाबाद पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार यात्रा को सुरक्षित सुचारु और तकनीक से लैस बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. पहली बार पूरे कावड़ रूट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों और टेथर्ड ड्रोन की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी. आधुनिक तकनीक के जरिए भीड़ पर नजर रखने, ट्रैफिक प्रबंधन और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था की गई है.
गाजियाबाद से हर साल लाखों शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेने के लिए रवाना होते हैं और वापसी में जिले के तीन प्रमुख कावड़ मार्गों से गुजरते हैं. इन्हीं मार्गों पर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. पहली बार करीब हर ढाई किलोमीटर पर पुलिस की अस्थायी चौकी बनाई जाएगी, जिससे किसी भी सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंच सके. तीनों कावड़ रूट पर कुल 50 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी.
क्या है मानवरहित टेथर्ड ड्रोन?
यात्रा की सबसे बड़ी खासियत टेथर्ड ड्रोन होंगे. यह ऐसे मानवरहित ड्रोन हैं, जो बिजली और डेटा केबल के जरिए ग्राउंड स्टेशन से जुड़े रहते हैं. लगातार बिजली मिलने के कारण ये कई घंटों तक बिना नीचे उतरे एक ही स्थान से निगरानी कर सकते हैं. बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए इनका इस्तेमाल बेहद प्रभावी माना जाता है. इसके साथ ही पूरे कावड़ मार्ग पर AI कैमरे लगाए जाएंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों और भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे.
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 4500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. वहीं ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ 504 ट्रैफिक वॉलंटियर भी ड्यूटी पर रहेंगे. आने वाले दिनों में पुलिस कावड़ समितियों और डीजे संचालकों के साथ बैठक कर यात्रा से जुड़े सभी दिशा-निर्देश साझा करेगी, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
गंग नहर पर भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
प्राचीन दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर, जहां सावन और शिवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने पहुंचते हैं, वहां भी विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. मंदिर परिसर और आसपास बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल और कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी. मुरादनगर स्थित गंग नहर पर भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं. यहां बैरिकेडिंग के साथ पीएसी, जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.
इसके अलावा गाजियाबाद पुलिस लगातार दिल्ली और मेरठ पुलिस के संपर्क में रहकर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही है. गूगल मैप के साथ समन्वय और विशेष AI टूल की मदद से ट्रैफिक और कावड़ मार्ग की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें