कानपुर के रावतपुर में गुरुवार रात करीब 11 बजे डीसीपी पश्चिम कार्यालय के पास एक युवती को गोली मारने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल युवती को एलएलआर अस्पताल भिजवाया। जांच में सामने आया कि युवती को गोली नहीं लगी थी। घटनास्थल पर भी गोली चलने के साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश सामने आई है। मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। परिजनों ने लगाया हमला और फायरिंग का आरोप पुलिस के मुताबिक डीसीपी पश्चिम कार्यालय के पास झोपड़ी बनाकर रहने वाले रमाकांत दुबे का परिवार रहता है। उनकी बेटी रुचि गुरुवार सुबह मायके आई थी। देर रात उसका भाई भोला उर्फ राम उसे ऑटो से पनकी छोड़ने जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइकों पर सवार कृष्णा उर्फ दानव, ईशान, इशरत, बल्लू समेत करीब नौ लोग पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। उनका आरोप है कि हमलावरों ने फायरिंग भी की, जिसके बाद रुचि बेसुध होकर गिर पड़ी। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। अस्पताल में नहीं मिली गोली लगने की पुष्टि गोली लगने की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवती को एलएलआर अस्पताल भेजा। चिकित्सकीय परीक्षण में पता चला कि युवती को गोली नहीं लगी है। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, लेकिन वहां भी गोली चलने के तत्काल साक्ष्य नहीं मिले। स्थानीय लोगों ने नहीं सुनी गोली की आवाज पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने गोली चलने जैसी कोई आवाज नहीं सुनी। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच पुरानी रंजिश और मारपीट के एंगल से शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पांच टीमें आरोपियों की तलाश में जुटीं डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शुरुआती जांच में युवती को गोली लगने या गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गई हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर में युवती को गोली लगने की सूचना निकली गलत:DCP ऑफिस के पास हड़कंप, जांच में सामने आई पुरानी रंजिश