उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में थाना लिंक रोड क्षेत्र में 16 जून को बड़े बिल्डर राजेश पांडे के अपहरण की कोशिश में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने उनकी गाड़ी में टक्कर भी मारी, लेकिन राजेश पांडे को अचानक से कोई अंदेशा हुआ और वह अपनी गाड़ी भगा कर ले गए. हालांकि उन्हें रोकने के लिए बदमाशों ने उनके आगे भी गाड़ी लगाई और तमंचा दिखाए लेकिन राजेश पांडे ने खुद को किडनैप होने से बचा लिया.
पुलिस ने खुलासा किया है कि राजेश पांडे को 5 करोड रुपए के लिए किडनैप किया जाना था. इसके लिए फर्स्ट टाइमर अपराधी कई महीने से रेकी कर रहे थे. पुलिस पांचवें आरोपी की तलाश में जुटी है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, सत्यम के पिता और गाजियाबाद के बड़े बिल्डर राजेश पांडे दोस्त है. इसी कारण से सत्यम को पता था कि राजेश पांडे पर कितना पैसा रहता है. इसी को लेकर उसने अपने चार और दोस्तों के साथ इनका किडनैप करने की प्लानिंग बनाई. नितिन ने इंस्टाग्राम पर सर्च कर कर ₹15000 में दो कट्टे मंगवाए. साथ ही रस्सी खरीदी और हिटलर की गाड़ी का इस्तेमाल किया गया जो उसकी पत्नी के नाम है.
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इन्होंने किडनैपिंग के लिए 16 जून की तारीख मुक़र्रर की. उस तारीख की रात को राजेश पांडे की कार में टक्कर मारी जब राजेश पांडे नहीं रुके तो उनके आगे गाड़ी लगाई तमंचा दिखाया लेकिन राजेश पांडे वहां से भाग निकले.
राजेश ने की थी शिकायत
डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि अगले दिन राजेश पांडे ने पुलिस को शिकायत की थी. जिसके बाद पुलिस ने राजेश पांडे की लोकेशन आदि निकलवाई तो यह चारों पकड़े गए. इनका एक साथी फरार है. यह आशंका भी बनी हुई थी की रकम लेने के बाद राजेश पांडे अगर किडनैप हो जाते तो, आरोपी उन्हें छोड़ते नहीं क्योंकि वह उनकी पहचान के थे, पुलिस अब इनके पांचवें साथी की तलाश में जुटी है.