उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है. यहां एक थाने में बहनोई-साले की बीती रात पारिवारिक विवाद के बाद थाने पर लाकर पिटाई की गई. वहीं दूसरे मामले में एक थाने की पुलिस की मौजूदगी में पट्टीदारों के साथ जमीन की पैमाइश के बाद हुए विवाद में पुलिस ने युवक को एक दिन पहले थाने में बेरहमी से पीटा और उसके बाद रातभर लॉकप में बंद रखा.
अस्पताल में भर्ती युवकों का वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें उनके शरीर पर गंभीर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं. दो थाने की पुलिस पर तीन अलग-अलग युवकों को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया जा रहा है. समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित के साथ पुलिस के आलाधिकारियों से मिलकर जांच कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने बहनोई-साले की पिटाई के मामले में सीओ की जांच के बाद एक सिपाही को निलंबित कर दिया है. वहीं दूसरे मामले में सीओ द्वारा जांच की जा रही है.
क्या है पूरा मामला ?
गोरखपुर के पिपराइच और तिवारीपुर थाने की पुलिस द्वारा बहनोई-साले और एक अन्य युवक को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है. बेरहमी से पिटाई के बाद जब युवक बेहोश हो गए, तो उन्हें 151 में चालान कर दिया गया. इसके बाद उन्हें परिजनों ने जिला चिकित्सालय और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया. इस मामले में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार 30 जून को तिवारीपुर के पीड़ित युवक विवेक यादव उर्फ चंदन व शाहरुख के साथ गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ के पास पहुंचा और जांच कर कार्रवाई की मांग की.
यह भी पढ़ें: यूपी: अखिलेश यादव के आरोपों पर मंत्री गुलाब देवी का पलटवार, ‘2017 से पहले ठेके पर…’
पहला मामला पिपराइच थाने का है. जहां बीती रात पिपराइच थानाक्षेत्र के महमूदाबाद गांव के रहने वाले शाहरुख (27 वर्ष) पुत्र शाहबुद्दीन ने आरोप लगाया गया है कि उसके बहनोई अब्दुल रहीम (28 वर्ष) पुत्र हसनैन और उसे सोमवार 29 जून की रात पिपराइच थाने में पुलिस द्वारा डंडे से जमकर पिटाई की. पीड़ित शाहरुख ने बताया कि बहनोई अब्दुल रहीम और उसके बीच बीती रविवार 29 जून की रात खाना खाने को लेकर 11-12 बजे के बीच विवाद हो गया.
किसी ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दिया. उसके बाद पुलिस दोनों को थाने लेकर चली गई. पिपराइच थाने की पुलिस ने अब्दुल रहीम और शाहरुख को गाली देना शुरू किया. इसके बाद जमकर पिटाई कर दी. शाहरुख ने बताया कि उसके बहनोई अब्दुल रहीम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एडमिट है. वहीं वह खुद एसएसपी के पास शिकायत दर्ज करने आया है.
पुलिस की पिटाई से विवेक यादव की हालत खराब
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ से शिकायत के बाद तिवारीपुर थाने की पुलिस द्वारा गंभीर रूप से पीटे गए विवेक यादव उर्फ चंदन की हालत काफी खराब है. उन्हें तिवारीपुर थाने में जमकर पीटा गया है. उनका आरोप है कि रविवार 28 जून को जमीन संबंधी पैमाइश के प्रकरण में विवाद के बाद पुलिस उन्हें (विवेक यादव) को हिरासत में लेकर चौकी पर ले गई और वहां पर बेरहमी से पिटाई के बाद उसे तिवारीपुर थाने पर रखा गया.
वहां भी रातभर उसकी डंडे से पिटाई की गई. जब वह बेहोश हो गया तो उसका 151 में चालान कर दिया गया. इसके बाद पहुंचे परिजनों ने चक्कर आने की वजह से उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया जहां उसका इलाज चल रहा है.
सपा ने दोषियों के खिलाफ की कार्रवाई की मांग
इस दोनों प्रकरण में एसएसपी डा. कौस्तुभ से मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष बृजेश गौतम ने बताया कि वह प्रतिनिधि मंडल के साथ गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ से मुलाकात किए हैं. उन्होंने आश्वासन दिया है कि दोनों ही मामले में जांच कर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किसी युवक की बर्बरता पूर्वक पिटाई करना ठीक नहीं है. इसमें दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.
सिपाही निलंबित-जांच जारी
इस संबंध में गोरखपुर के एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पिपराइच थाने में एक परिवार के साथ मारपीट के मामले में सीओ की जांच के बाद दोषी पाए गए एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं तिवारीपुर में एक युवक के साथ थाने में पिटाई के मामले में जांच की जा रही है. जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
यह भी पढ़ें: मुरादाबाद: CM योगी ने दी 365 करोड़ की सौगात, सपा पर बोला हमला, कहा- ‘अब यूपी में दंगे…’