शामली। ग्राम हरमंजपुर निवासी एक ग्रामीण ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीण ने शामली के तहसील दिवस में इस मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में कई विकास कार्य केवल कागजों पर दिखाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। आरोप है कि गांव में 35 शौचालयों को नया बताकर भुगतान कराया गया, जबकि वे पहले से ही बने हुए थे। मनरेगा के तहत भी ग्राम प्रधान के परिवार के सदस्यों की फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान लेने का आरोप है। ग्रामीण ने यह भी आरोप लगाया कि तेजू के घर से टॉवर तक प्रस्तावित नाली का निर्माण नहीं हुआ। राजकुमार के घर से नाले तक खड़ंजा भी नहीं बनाया गया, जिसे पूर्व प्रधान द्वारा कराए गए कार्य के रूप में दिखाकर दोबारा भुगतान लिया गया। तालाब की खुदाई, नालों की सफाई, नलकूप के रिबोर, स्ट्रीट लाइट और पंखों की खरीद में भी अनियमितता बरती गई। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई और सूचना उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया गया। ग्रामीण ने बताया कि वह पहले भी तहसील दिवस, अन्य अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, खर्च की गई धनराशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए और यदि गबन की पुष्टि होती है तो संबंधित राशि की वसूली की जाए।
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ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप:शामली में ग्रामीणों ने तहसील दिवस में जांच की मांग की, कहा- सरकारी धन के दुरुपयोग किया