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Azam Khan News : आयकर विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12A रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है. ये कार्यवाही 2020-21 से 2023-24 तक की अवधि को लेकर की गई है. इससे पहले आजम खान और उनके सहयोगियों पर आयकर छापेमारी की गई थी. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी जौहर ट्रस्ट के तहत संचालित है. आजम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के लाइफटाइम चांसलर हैं. टैक्स लाभ खत्म होने से ट्रस्ट की वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
इससे पहले आजम खान और उनके सहयोगियों पर आयकर छापेमारी की गई थी. (फाइल फोटो)
लखनऊ. जेल में बंद सपा नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है. मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की टैक्स छूट रद्द कर दी गई है. आयकर विभाग ने ट्रस्ट का 12A रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया है. PCIT (Central), लखनऊ ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है. ये कार्यवाही 2020-21 से 2023-24 तक की अवधि को लेकर की गई है. 13 सितंबर 2023 को आजम खान और सहयोगियों पर आयकर छापेमारी हुई थी. सर्च ऑपरेशन के बाद शुरू हुई जांच में ये फैसला किया गया है. मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी जौहर ट्रस्ट के तहत संचालित है. आजम खान ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी और यूनिवर्सिटी के लाइफटाइम चांसलर हैं. आयकर विभाग ने विस्तृत जांच के बाद आदेश जारी किया. इस फैसले के बाद ट्रस्ट को मिलने वाली आयकर छूट पर संकट मंडराने लगा है. टैक्स लाभ समाप्त होने से वित्तीय मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
अब कोई गतिविधि नहीं कर पाएगा ट्रस्ट
इनकम टैक्स विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को गैर-जनहितकारी और अनियमित बताया गया. अब ट्रस्ट से भारी टैक्स, ब्याज और पेनल्टी की वसूली होगी. जौहर ट्रस्ट अब कोई गतिविधि नहीं कर पाएगा. जांच में ट्रस्ट की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई. कहा जा रहा है कि ये ट्रस्ट कोई जनहित का काम नहीं कर रहा था. डोनेशन दबाव डालकर लिया जा रहा था. डमी ट्रस्टी बनाए गए थे.
450 करोड़ रुपये की गड़बड़ी
इससे पहले राजधानी लखनऊ स्थित रजिस्टर्ड मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी को नोटिस भेजा गया था. यह नोटिस आयकर विभाग की ओर से जारी किया गया. ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ियों, कर चोरी और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच के सिलसिले में ये नोटिस भेजी गई थी. इनकम टैक्स विभाग ने 17 जून को नोटिस भेजी थी. इनकम टैक्स सूत्र के मुताबिक, कुछ साल पहले हुई तफ्तीश में काफी सबूत मिले थे. उन्हीं दस्तावेजों और जब्त सबूतों के आधार पर तफ्तीश का दायरा बढ़ा था. आजम खान और उनके करीबियों के ठिकानों पर इनकम टैक्स विभाग की इस कार्रवाई के बाद करीब 450 करोड़ रुपये की गड़बड़ी का मामला सामने आया था.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें