अमेठी में फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संजय तिवारी ने जामो विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रानीपुर में तैनात सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश मिश्र को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। शिक्षक के सभी अंकपत्र संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से सत्यापन में फर्जी पाए गए। सत्य प्रकाश मिश्र की नियुक्ति वर्ष 2016 में 15 हजार शिक्षक भर्ती के तहत हुई थी। शिकायत मिलने पर उनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की रिपोर्ट ने अंकपत्रों को फर्जी बताया। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड से दस्तावेजों का मिलान नहीं हुआ। इसके बाद बीएसए कार्यालय ने 2025 और 2026 में कई नोटिस जारी कर शिक्षक को मूल अभिलेखों के साथ स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया। हालांकि, सत्य प्रकाश मिश्र न तो उपस्थित हुए और न ही कोई ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत कर सके जिससे उनके प्रमाणपत्र सही साबित हों। दोबारा सत्यापन में भी अंकपत्र फर्जी ही निकले। सभी साक्ष्यों के आधार पर बीएसए संजय तिवारी ने नियुक्ति को नियम विरुद्ध मानते हुए सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी जामो को निर्देश दिए हैं कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। साथ ही, 2016 से अब तक दिए गए वेतन और अन्य सरकारी धनराशि की रिकवरी के लिए विस्तृत आगणन तैयार कर कार्यालय को भेजा जाए। इस कार्रवाई के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है, और विभाग अन्य शिक्षकों के दस्तावेजों की भी जांच कराने की तैयारी कर रहा है।
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फर्जी अंकपत्र से 10 साल तक की सरकारी नौकरी:अमेठी में शिक्षक बर्खास्त, FIR और वेतन रिकवरी के आदेश