चंदौली: जिले के मुगलसराय स्थित सेंट्रल कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी और मानस नगर कॉलोनी के लोग पिछले एक महीने से जल रहे कूड़े के जहरीले धुएं से परेशान हैं. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारी समस्या से अवगत होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं कर पा रहे हैं. धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है. वहीं, आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं.
मुगलसराय के रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में पुल के पास पड़ा कूड़े का विशाल ढेर पिछले करीब एक महीने से लगातार जल रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कूड़े से उठने वाला धुआं रेलवे कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी, मानस नगर और आसपास के अन्य इलाकों तक पहुंच रहा है. शाम के समय जब पुल पर अंधेरा हो जाता है, तब धुएं के कारण लोगों को आने-जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रेलवे अधिकारियों से इस संबंध में कई बार शिकायत की गई. एक बार जेसीबी मशीन लगाकर कूड़े को हटाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो गई.
धुएं से लोगों का घुट रहा दम
एडवोकेट संतोष पाठक ने लोकल 18 से बताया कि कूड़े से उठने वाला धुआं लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है. उन्होंने कहा कि पुल से गुजरने वाले लोगों को सांस रोककर निकलना पड़ता है, जबकि कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की स्थिति और भी खराब है. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों का ध्यान जन समस्याओं की बजाय अन्य कार्यों पर अधिक रहता है. उन्होंने कहा कि प्रदूषण और कूड़ा निस्तारण जैसे मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर
स्थानीय निवासी माधवेंद्र मूर्ति ओझा ने लोकल 18 से दावा किया कि जलते हुए कूड़े से निकलने वाली जहरीली गैसें लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के धुएं में कई ऐसे तत्व होते हैं, जो लंबे समय तक संपर्क में रहने पर गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं. पास स्थित मानसरोवर तालाब के आसपास भी बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा है. तालाब की सफाई केवल छठ पूजा के समय होती है, जबकि सालभर गंदगी बनी रहती है. उन्होंने बताया कि यदि आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सर्वे कराया जाए, तो कई लोगों में श्वसन संबंधी समस्याएं और अन्य बीमारियां सामने आ सकती हैं.
फायर ब्रिगेड का प्रयास भी नहीं हुआ सफल
स्थानीय निवासी अजय यादव ने लोकल 18 से बताया कि कूड़े में लगी आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी. पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी. उन्होंने कहा कि आज भी धुआं लगातार निकल रहा है और पुल से गुजरने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है. साथ ही उन्होंने मानसरोवर तालाब के आसपास फैली गंदगी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि नियमित सफाई न होने से हालात लगातार बिगड़ रहे हैं.
जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल
ग्राम प्रधान संजय सिंह ने लोकल 18 से इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि क्षेत्र से रोजाना गुजरने वाले जनप्रतिनिधियों को भी यह समस्या दिखाई नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि धुएं और गंदगी से आम नागरिकों को भारी परेशानी हो रही है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखाई दे रही. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास और स्वच्छता के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आते हैं.
शिकायतों के बाद भी नहीं निकला समाधान
सामाजिक कार्यकर्ता अरुण द्विवेदी ने लोकल 18 से बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार ज्ञापन दिए गए हैं. इसके अलावा धरना-प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका. उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों और जन आवाज उठाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है.
बुजुर्गों और बच्चों के लिए बढ़ा खतरा
स्थानीय निवासी संतोष कुमार तिवारी ने लोकल 18 से कहा कि धुएं का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि फेफड़ों और गले से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से गुजरते हैं और धुएं के संपर्क में आते हैं. शाम के समय जब लोग अपने घरों में खाना बनाते हैं या बाहर निकलते हैं, तब धुएं के कारण उन्हें विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है.
मानसरोवर तालाब की सफाई पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने मानसरोवर तालाब के आसपास फैली गंदगी को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि तालाब के किनारों पर बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा है, जिससे क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता दोनों प्रभावित हो रही हैं. नागरिकों का आरोप है कि नियमित सफाई की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदगी बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सफाई अभियान चलाया जाता है, लेकिन उसके बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है.
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन, नगर निकाय और जिला प्रशासन से मांग की है कि जलते हुए कूड़े को तत्काल हटाया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए स्थायी व्यवस्था की जाए. नागरिकों ने कहा कि स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण केवल अभियान तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर भी प्रभावी कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
लोग स्थायी समाधान की कर रहे हैं मांग
मुगलसराय की रेलवे कॉलोनी और मानसरोवर तालाब के आसपास लगातार जल रहे कूड़े ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. जहरीले धुएं, बढ़ते प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी आशंकाओं के बीच लोग प्रशासन से त्वरित और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं. अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर कितनी जल्द और प्रभावी कार्रवाई करते हैं.