राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सियासत तेज होने के बाद अब लगातार एक्शन जारी है. इसी महीने सामने आए इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने रिपोर्ट सौंपने के बाद 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही आरोपियों से 79 लाख रुपये भी बरामद किए हैं. फिलहाल यह मामला देशभर में चर्चा के केंद्र में है. इस पर विपक्ष की तरफ से लगातार सरकार को घेरा जा रहा है. हलांकि सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए मामले की जांच के आदेश दे दिए थे.
राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच शुक्रवार (26 जून) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राम मंदिर के लिए मिले दान में 7 करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी के आरोप के बाद मंदिर प्रशासन में हो रहे बदलावों के तहत इन इस्तीफों को एक अहम कदम माना जा रहा है. अब तक इस केस में क्या-क्या हुआ पूरी टाइमलाइन समझते हैं.
इस दिन सामने आया पहला मामला
अयोध्या से सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे ने 7 जून को बड़ा खुलासा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर को मिले 7 करोड़ से ज्यादा चढ़ावे की चोरी हुई है. इस मुद्दे को सपा चीफ ने भी जमकर उठाया और जांच की मांग की. उन्होंने लिखा, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है.”
उन्होंने आगे लिखा, “ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है. न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है. सरकार की चुप्पी संदिग्ध है.”
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है.
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है. कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है.
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
8-9 जून को पीएम से CBI जांच की मांग
इसके बाद 8-9 जून को इस मामले ने सोशल मीडिया पर तूल पकड़ी. जिस पर बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने सीबीआई जांच की मांग की. उन्होंने प्रधानमंत्री को इसके लिए पत्र लिखा. जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने राम मंदिर ट्रस्ट से रिपोर्ट मांगी.
10-12 जून को ट्रस्ट ने किया इनकार
पीएमओ द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने किसी भी तरह की चोरी के आरोपों को खारिज कर दिया. जिसमें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने बयान में कहा, “पैसों की गिनती एसबीआई कर्मचारियों की निगरानी में की जाती है, यहां किसी भी तरह की कोई हेराफेरी नहीं हुई है.”
13 जून को सीएम योगी ने लिया एक्शन
इस मामले को तूल पकड़ते देख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले में हस्तक्षेप किया. सीएम योगी ने मामले की जांच के लिए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर 3 सदस्यों की एसआईटी टीम का गठन किया. साथ ही उन्होंने इसकी रिपोर्ट 15 दिन के अंदर सौंपने को कहा.
14 से 18 जून तक एसआईटी की टीम ने की जांच
एसआईटी की टीम ने अपनी जांच शुरू की और पूरी टीम ने मंदिर क्षेत्र का दौरा किया. एसआईटी ने सुरक्षा व्यवस्था, पैसे के रख-रखाव के रिकार्ड, और नकद गिनती के साथ इकट्ठे हुए चढ़ावे को लेकर जांच और पूछताछ की. एसआईटी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी से पूछताछ की. इसके बाद एसआईटी ने सभी दस्तावेड, बैंक अकाउंट्स और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए. एसआईटी की पूछताछ में नकद पैसे, जेवरात औ 60 किलों चांदी के आभूषणों के गायब होने का खुलासा हुआ.
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सीएम योगी ने 19 जून को दी पहली प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून को अयोध्या पहुंचे पहली बार इस मामले पर कहा, “एसआईटी जांच में सब दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा. 500 साल का इंतजार किया अब 15 दिन और कर लें. इसमें जो भी दोषी होगा वह बख्शा नहीं जाएगा.
23 जून को एसआईटी ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 23-24 जून को अपनी रिपोर्ट सरकार के समक्ष सौंपी. इस रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए और ट्रस्ट के कामकाज में सुधार की मांग की गई. इस रिपोर्ट के आने के बाद फिर लगातार एक्शन दिखना शुरू हो गया.
मामले में दर्ज हुई पहली एफआईआर
25 जून को एसआईटी की रिपोर्ट के बाद मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई. यह एफआईआर ट्रस्ट के कृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई. इसमें 8 लोगों को नामजद किया गया था. शिकायत में धोखाधड़ी, चोरी और अन्य आरोप लगाए गए. इन सभी आरोपों के आधार पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. मंदिर प्रबंधन और पैसे गिनने वाले लोग आरोपी बताए जा रहे हैं.
पुलिस ने सभी 8 लोगों को नामजद करते हुए गिरफ्तार किया. इनमें से कई के पास से पैसा भी बरामद हुआ है. पुलिस ने लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला, सुभाष और करुणेश को गिरफ्तार किया गया है.
26 जून को चंपत राय ने दिया इस्तीफा
शुक्रवार (26 जून) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मामले में दर्ज एफआईआर में चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम शामिल नहीं है. हलांकि एसआईटी इनसे भी पूछताछ कर चुकी है.
मामले को लेकर सियासत जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विपक्ष के आरोपों पर शुक्रवार को तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन ही स्पष्ट कर दिया था कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा. एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न करें और यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करे.
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम सिर्फ ‘आंखों में धूल झोंकने’ वाली कार्रवाई है. आप प्रमुख ने कहा, ”मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवान राम के चरणों के जूते, माला, दीपक, आभूषण, हीरे और रत्न और यहां तक कि चढ़ावे की भी चोरी की गई है. लगभग 200 करोड़ रुपए कैश और करीब 2 किलो चांदी की भी चोरी का आरोप है. यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और करोड़ों भक्त इससे आहत हैं.
अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने भाजपा के ‘दानभक्त’ होने के दावों की पोल खोल दी है और यह प्रकरण पार्टी के कथित कारनामों की सिर्फ शुरुआत है.
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