मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मंत्रिमंडल के सदस्यों से कहा कि वह स्कूलों में जाकर अभिभावकों के साथ बैठक करें। बच्चों का रिपोर्ट कार्ड देखने के साथ स्कूल में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी हासिल करें। विकास योजनाओं का भी जमीनी स्तर पर जायजा लेते रहें। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श कर गांवों तथा कस्बों में विद्यालयों, अस्पतालों आदि की स्थिति और जनसुविधाओं की पड़ताल करें। प्रत्येक जिले के महिला स्वयं सहायता समूहों से भी संवाद बनायें।
सीएम ने इस दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत रोड कटिंग से जुड़े मामलों का तय समय में निस्तारण करने का निर्देश भी दिया। उन्होंने पौधरोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा के दौरान कहा कि 12 जुलाई को प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान संचालित होगा। सुबह 7 बजे से शाम तक कुल 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग अभियान का नोडल विभाग है। पौधरोपण के लिए फलदार, छायादार, औषधीय तथा इमारती लकड़ियों के पौधे प्रयोग करें।
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इस महाअभियान के बाद प्रदेश 275 करोड़ पौधे रोपित करने का रिकार्ड बनाने जा रहा है। पौधरोपण के बाद उसकी देख-रेख भी जरूरी है। सभी विभाग प्रत्येक घंटे में कितने पौधे रोपे गये, इसका विवरण एप पर अपलोड करें। पौधे कैसे रोपित करने हैं, इस बारे में वीडियो प्रसारित कर जागरूक करें। इसमें औद्योगिक इकाइयों तथा अन्य संस्थानों की सीएसआर मद का उपयोग किया जा सकता है।
आशा वर्कर का मानदेय बढ़ाना आवश्यक
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार के सकारात्मक प्रयासों से प्रदेश की आधी आबादी राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। सिद्धार्थनगर की एक महिला उद्यमी ने मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ उठाकर 2 वर्ष में 6 लाख रुपये की आमदनी की है। वह अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनी हैं। कोविड कालखंड में आशा वर्करों ने अच्छा कार्य किया है, उनका मानदेय बढ़ाने की आवश्यकता है।