हरदोई के कासिमपुर थाना क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मंगलवार रात 8:46 बजे अस्पताल संरक्षक और संबंधित डॉक्टर पर लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। वहीं सहायक नोडल अधिकारी मनोज सिंह ने अस्पताल को सीज भी कर दिया है। मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि प्रसव के लिए उनसे 80 हजार रुपये जमा कराए गए थे। इससे पहले, मांगलवार शाम को नवजात और प्रसूता की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया था। उन्होंने अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने और कानूनी कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद लगभग 30 मिनट बाद जाम खुल सका और यातायात सामान्य हुआ। कासिमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम असही आजमपुर निवासी मूलचंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी नौ माह की गर्भवती पुत्री सीमा (निवासी रसूलपुर ब्रह्मनान) को मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई। उसे पहले सीएचसी बेहंदर ले जाया गया, जहां से रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने सीमा को कासिमपुर बेहंदर स्थित ‘एसएन हॉस्पिटल’ में भर्ती कराया। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन से प्रसव होने की बात कहकर परिजनों से 80,000 रुपये जमा करा लिए। पिता मूलचंद का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन किया, जिससे एक नवजात पुत्र का जन्म हुआ। हालांकि, कुछ देर बाद नवजात की मौत हो गई। इसके बाद सीमा की तबीयत भी बिगड़ गई और शाम करीब 5 बजे उसकी भी मृत्यु हो गई। परिजनों ने अस्पताल संरक्षक योगेन्द्र नाथ और एसएन हॉस्पिटल के डॉक्टर पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके कारण जच्चा-बच्चा दोनों की जान चली गई। प्रभारी थानाध्यक्ष पीपी सिंह ने बताया कि अस्पताल संरक्षक और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही से मौत की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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हरदोई में जच्चा-बच्चा की मौत पर कार्रवाई:अस्पताल संरक्षक-डॉक्टर पर केस, अस्पताल सीज; 80 हजार लेने का आरोप