अलीगढ़ में मुहर्रम के मौके पर अकीदत और गम का माहौल देखा गया। कर्बला के शहीदों की याद में शहर के विभिन्न इलाकों से पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाले गए। इस दौरान इमाम हुसैन की शहादत को याद कर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। जुलूस में शामिल युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए और जंजीरी मातम कर अपना दुख जाहिर किया, जिसे देखकर हर कोई सिहर उठा। इस दौरान पुलिस–प्रशासन मुस्तैद रहा और सुरक्षा के आरएएफ और पीएसी जवान रहे तैनात शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जुलूस के मुख्य मार्गों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार खुद पेट्रोलिंग करते नजर आए। डीएम और एसएसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा मुहर्रम पर सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए खुद डीएम और एसएसपी ने कमान संभाली। शुक्रवार को दोनों शीर्ष अधिकारियों ने भारी फोर्स के साथ थाना देहलीगेट क्षेत्र के ईदगाह और थाना हरदुआगंज के जलाली चौकी क्षेत्र का दौरा किया। वहीं, ताजिया जुलूस के संवेदनशील रास्तों और मोड़ों का बारीकी से मुआयना किया गया। यातायात में व्यवस्था में लगे रहे पुलिसकर्मी ताजिया जुलूस के चलते शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए यातायात पुलिस ने पहले ही एक व्यापक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया था। जुलूस के रूट पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहा। इसके साथ ही आम जनता की सहूलियत के लिए ट्रैफिक को लिंक रोड्स और वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ा गया, जिससे वाहन चालकों को ज्यादा परेशानियों का सामना न करना पड़े। ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा शहर मुख्य जुलूसों में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। काले लिबास पहने लोग ‘या हुसैन, हम न भूले’ और ‘लब्बैक या हुसैन’ के नारे लगा रहे थे। इस दौरान जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने धारदार जंजीरों और छुरियों से सीना-जनी कर मातम (जंजीरी मातम) किया। ताजियों को पूरे अदब-ओ-एहतराम के साथ कर्बला ले जाया गया। कर्बला में उन्हें सुपुर्दे-खाक किया जाएगा।
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अलीगढ़ में अकीदत के साथ निकाला ताजिया जुलूस:सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, जंजीरी मातम हुआ