एटा में बिना पंजीकरण संचालित डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित एक संयुक्त टीम ने सोमवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान दर्जनभर से अधिक डिजिटल लाइब्रेरियों और कोचिंग संस्थानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में फायर एनओसी, वैध पंजीकरण और अन्य आवश्यक मानकों का अभाव पाया गया। ऐसे संस्थानों को तत्काल बंद कराया गया, जबकि उनके संचालकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार, सह जिला विद्यालय निरीक्षक सुजीत कुमार और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार चौरसिया के नेतृत्व में टीम ने सबसे पहले शिवसिंहपुर स्थित गायत्री लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। यहां क्षमता से अधिक छात्र मिलने पर लाइब्रेरी को अस्थायी रूप से बंद कर फायर एनओसी प्राप्त करने के बाद ही संचालन की अनुमति देने के निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने गंगा लाइब्रेरी का निरीक्षण किया, जो बेसमेंट में संचालित पाई गई। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण छात्रों को बाहर निकालकर लाइब्रेरी बंद करा दी गई। नहर पुल के पास स्थित अभिनव लाइब्रेरी में फायर एनओसी, शौचालय और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने पर मानक पूरे होने तक संचालन रोकने के आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान चंचल लाइब्रेरी, बालाजी लाइब्रेरी और सत्या एकेडमी कोचिंग सेंटर की भी जांच की गई। सत्या एकेडमी का पंजीकरण नहीं मिलने पर संस्थान को बंद कराते हुए फायर एनओसी और वैध पंजीकरण कराने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसके अतिरिक्त, सैनिक डिजिटल लाइब्रेरी, एलएनबीटीके सक्सेस लाइब्रेरी, राधा कृष्ण लाइब्रेरी, श्रीजी लाइब्रेरी, श्री कृष्णा लाइब्रेरी, श्रीराम लाइब्रेरी और शिव लाइब्रेरी का भी निरीक्षण किया गया। इनमें से कई संस्थान बिना पंजीकरण संचालित मिले, जबकि कुछ के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं थी। ऐसे सभी संस्थानों को दोबारा बिना अनुमति संचालन न करने की चेतावनी देते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान यदि कोई डिजिटल लाइब्रेरी या कोचिंग संस्थान बेसमेंट में संचालित मिला तो उसे तत्काल सील कर पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही कोचिंग अधिनियम-2002 के तहत कार्रवाई करते हुए संचालकों पर एक लाख रुपये तक का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने सभी डिजिटल लाइब्रेरी एवं कोचिंग संचालकों को अंतिम अवसर देते हुए शीघ्र पंजीकरण, फायर एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अपंजीकृत संस्थानों के खिलाफ यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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