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असिस्टेंट प्रोफेसर मोनालिसा बताती हैं कि, काला नमक चावल भी पूर्वांचल की एक विशेष और सुगंधित किस्म है, जिसमें आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसका नियमित और संतुलित सेवन हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने, रक्तचाप नियंत्रित रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को आवश्यक मिनरल उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है.
गोरखपुर: सेहतमंद भोजन की तलाश में लोगों का रुझान अब पारंपरिक अनाजों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इसी दिशा में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि विभाग में कुछ समय पहले काला गेहूं और पंचगव्य आधारित प्राकृतिक खेती पर शोध किया गया. शोध के दौरान काले गेहूं की खेती के साथ पंचगव्य का उपयोग कर बेहतर गुणवत्ता वाली फसल तैयार की गई. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि काला गेहूं और काला नमक चावल, दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर हैं और नियमित संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर कई स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं. इसका इस्तेमाल शरीर के लिए लाभकारी साबित होगा.
रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
विश्वविद्यालय के कृषि विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर मोनालिसा के अनुसार, काले गेहूं में सामान्य गेहूं की तुलना में एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाया जाता है. यही तत्व इसे गहरा बैंगनी या काला रंग देता है. एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री-रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा काला गेहूं फाइबर, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और कई आवश्यक खनिजों का अच्छा स्रोत माना जाता है. फाइबर अधिक होने के कारण यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, वजन नियंत्रित रखने और रक्त में शुगर के स्तर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है. वहीं इसका कम ग्लाइसेमिक प्रभाव मधुमेह के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.
शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है काला नमक चावल
असिस्टेंट प्रोफेसर मोनालिसा बताती हैं कि, काला नमक चावल भी पूर्वांचल की एक विशेष और सुगंधित किस्म है, जिसमें आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसका नियमित और संतुलित सेवन हृदय स्वास्थ्य को बेहतर रखने, रक्तचाप नियंत्रित रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को आवश्यक मिनरल उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है.
बीमारियों से बचाव के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी
प्रोफेसर का कहना है कि, यदि संतुलित आहार में काला गेहूं से बनी रोटी और काला नमक चावल को शामिल किया जाए तो शरीर को अधिक फाइबर, मिनरल और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं. इससे मधुमेह (डायबिटीज), उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), मोटापा और हृदय रोग जैसे गैर-संचारी रोगों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें