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Vindhyachal Ganga Ghat: काशी के ‘नमो घाट’ और हरिद्वार की ‘हरि की पैड़ी’ का भव्य संगम अब मां विंध्यवासिनी धाम में साकार हो रहा है. विंध्याचल में ₹54.76 करोड़ की लागत से बन रही भव्य ‘विंध्य की पैड़ी’ का निर्माण कार्य 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है, जिससे गंगा घाट का नव्य, दिव्य और अलौकिक स्वरूप निखरने लगा है. उत्तर प्रदेश सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत सभी 8 प्रमुख घाटों को आपस में जोड़कर 550 मीटर लंबा एक एकीकृत घाट बनाया जा रहा है, जहां भक्तों को विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक सुविधाएं मिलेंगी.
मिर्जापुर: काशी के नमो घाट की तरह दिखने वाला यह भव्य घाट बनारस में नहीं, बल्कि मिर्जापुर में स्थित है. मां विंध्यवासिनी धाम में सरकार के द्वारा कॉरिडोर बनाए जाने के बाद अब गंगा घाट का निर्माण किया जा रहा है. हरिद्वार की ‘हरि की पैड़ी’ की तर्ज पर यहां ‘विंध्य की पैड़ी’ का निर्माण किया जा रहा है. विंध्य की पैड़ी के निर्माण का काम लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जहां अब नव्य, दिव्य और भव्य घाट नजर आने लगा है. मिर्जापुर जिले में गंगा घाट के विकास को लेकर सरकार के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है. ऐसे में विंध्याचल में सभी गंगा घाटों को एक करते हुए विंध्य की पैड़ी का निर्माण तेजी के साथ हो रहा है.
सांस्कृतिक मंच और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा घाट
विंध्याचल में बनने वाले इस गंगा घाट पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी. काशी के नमो घाट की तर्ज पर यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाएगा. वहीं, मां गंगा की आरती को लेकर भी विशेष मंच बनाया जाएगा. मां विंध्यवासिनी धाम में पक्का घाट, भैरव घाट, अखाड़ा घाट, परशुराम घाट, गुदरिया घाट और बाबा घाट सहित सभी आठ प्रमुख घाटों को आपस में जोड़ा जा रहा है. हरि की पैड़ी की तरह ही 550 मीटर गंगा घाट के प्राथमिक स्वरूप का निर्माण कार्य चल रहा है. इसका 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और पक्का घाट पर निर्माण का काम तेजी के साथ किया जा रहा है. विंध्य की पैड़ी के निर्माण की जिम्मेदारी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज व जल निगम को दी गई है.
परियोजना पर खर्च हो रहे हैं 54 करोड़ रुपये
गंगा घाट के भव्य निर्माण के लिए कुल 54 करोड़ 76 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं, जिससे अब इस नव्य गंगा घाट का स्वरूप साफ दिखाई देने लगा है. कुछ ही महीनों में गंगा घाट का दिव्य स्वरूप भक्तों को दिखाई देने लगेगा. मां के धाम में आने वाले श्रद्धालु गंगा स्नान करने के बाद ही मां का दर्शन-पूजन करते हैं. पहले सुव्यवस्थित गंगा घाट न होने की वजह से उन्हें काफी दिक्कत हो रही थी. विंध्य कॉरिडोर बनने के बाद, दूसरे चरण में इस गंगा घाट के निर्माण का काम चल रहा है. तेजी के साथ निर्माण का काम किया जा रहा है और जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा.
राजस्थान के कारीगर पत्थरों पर दे रहे हैं अद्भुत आकार
इस भव्य गंगा घाट का निर्माण राजस्थान के विशेष बलुआ लाल पत्थरों से किया जा रहा है. राजस्थान के कुशल कारीगरों के द्वारा यहां अद्भुत नक्काशी करते हुए घाट को नया स्वरूप दिया जा रहा है, जिसे देखते ही लोग मंत्रमुग्ध हो जाएंगे. इसके साथ ही, रात्रि के समय में रंग-बिरंगी लाइटें इस घाट की खूबसूरती को कई गुना तक बढ़ा देंगी. विंध्याचल में मां गंगा के घाट को लेकर अद्भुत धार्मिक महत्व है. ऐसे में भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार को यह परियोजना तैयार करके भेजी गई थी. परियोजना मंजूर होने के बाद बजट आवंटित किया गया, जहाँ अब तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें