खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विकास और राजनीति दोनों मोर्चों पर बड़ा संदेश दिया। 365 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के दौरान उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला।
कुंदरकी उपचुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने साबित कर दिया है कि अब बाबर का राज नहीं, रामराज चलेगा। साथ ही संभल के हरिहर मंदिर का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर आस्था और विरासत से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

2 of 9
मुरादाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करते विधायक रितेश गुप्ता और रामवीर सिंह
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मुरादाबाद नगर, मुरादाबाद देहात और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्रों सहित नगर निगम एवं मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने भाजपा सरकार की विकास नीतियों को गिनाते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।

3 of 9
मुरादाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को किया संबोधित
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पास विकास का कोई विजन नहीं है। इन दलों के लिए विकास का अर्थ केवल अपने परिवार का विकास है, जबकि भाजपा के लिए प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों का विकास ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि मुरादाबाद देहात में भी डबल इंजन सरकार का विधायक होता तो क्षेत्र में विकास की गति और तेज होती।

4 of 9
मुरादाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को किया संबोधित
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
योगी आदित्यनाथ ने कुंदरकी उपचुनाव के परिणाम का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की जनता ने प्रचंड जनादेश देकर यह संदेश दिया है कि अब ‘बाबर का राज नहीं, रामराज चलेगा’। उन्होंने कहा कि भाजपा राष्ट्रवादी सोच के साथ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के विकास को अपना दायित्व मानकर काम कर रही है और इसी कारण उत्तर प्रदेश आज देश के सामने विकास का नया मॉडल बनकर उभरा है।

5 of 9
मुरादाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मुख्यमंत्री ने संभल के हरिहर मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि करीब 500 वर्ष पहले बाबर के समय हरिहर मंदिर के साथ अन्याय हुआ था। यदि उस समय समाज संगठित और जागरूक होता तो कोई आक्रांता मंदिर के अस्तित्व को नुकसान पहुंचाने का साहस नहीं कर पाता।