उत्तर प्रदेश की सरकार अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी में वक्फ बोर्ड को लेकर बड़ा बयान दिया हैं. उन्होंने साफ कहा कि मध्य प्रदेश की तर्ज पर यूपी में भी वक्फ संशोधन बिल 2024 को लागू किया जाएगा. जिसमें नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन होगा. उन्होंने कहा कि इस वक्फ बोर्ड में शिया, सु्न्नी और तमाम वर्गों के प्रतिनिधित्व के साथ गैर मुस्लिम प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
दानिश आजाद अंसारी ने एपी वक्फ बोर्ड में दो हिन्दू सदस्यों की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो वक्फ की नई टीम बनेगी, उसमें पिछड़े, पसमांदा मुसलमान हैं उनकी प्रतिनिधित्व होगा. महिलाओं का प्रतिनिधित्व होगा, मुस्लिम समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व होना चाहिए. हमारे दो ऐसे सदस्यों को भी नामित किया जाएगा तो गैर मुस्लिम होंगे.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो संशोधन लाई है. उस प्रावधान के अनुसार मध्य प्रदेश और तमाम जगहों पर बोर्ड का गठन होना प्रस्तावित है. सीधे तौर पर पारदर्शी व्यवस्था हो. सुचारू रूप से वक्फ का संचालन चले.
बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने किया समर्थन
बीजेपी नेता मोहसिन रजा ने भी दानिश आज़ाद के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि इससे वो लोग ही परेशान हो जो उस समय भी विरोध कर रहे थे. जबकि, पूरा देश समर्थन कर रहा था. ये इसलिए परेशान क्योंकि यहीं लोग वक्फ की संपत्तियों पर बैठे हैं. इन्हें के लोगों ने वहां सबसे ज्यादा लूट की हैं, चाहे वो कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी या बसपा हो.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 1.27 लाख वक्फ की संपत्तियां है जिनका आज तक ऑडिट नहीं हुआ है और राज्य सरकार जब ऑडिट कराती हैं तो ये लोग सहयोग नहीं करते हैं.
समाजवादी पार्टी ने दिया सुप्रीम कोर्ट का हवाला
अल्पसंख्यक मंत्री दानिश अंसारी के इस बयान पर सियासत भी तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इस पर सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है. हालांकि फिर भी हम कहते हैं कि अभी भी इस फैसले में आधी बातें स्टे हैं. जब तक सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला न आ जाए तब तक राज्य सरकार को ऐसे किसी भी अनुबंध और नियुक्ति से बचना चाहिए.
क्योंकि अगर यहीं ट्रेंड बना रहा और धर्मांधता में हम ये करते चले गए तो वो दिन दूर नहीं जब काशी विश्वनाथ, बद्रीनाथ में भी ग़ैर हिन्दुओं के प्रवेश के लिए नई रिट दायर होगी और सुप्रीम कोर्ट उन्हें करने के लिए बाध्य हो जाएगा.
नए नियमों पर क्या बोले मौलाना शहाबुद्दीन
इस मामले पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी ने कहा कि चाहे सुन्नी वक्फ बोर्ड हो या शिया वक्फ बोर्ड हो. दोनों बोर्ड के जो ज़िम्मेदारान थे उन्होंने अपने-अपने इलाकों में वक्फ बोर्ड की जमीनों का लखनऊ की रेवड़ी की तह बंटवारा किया है. ज़िम्मेदार लोगों ने जमीनों की लूट खसोट की. लोगों की असली वसीयत थी वक्फ की मंशा था उस पर इन लोगों ने पानी फेरने का काम किया.
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