राम मंदिर चढ़ावा चोरी में अविनाश शुक्ला ने मोटी रकम ठिकाने लगाई है। अंदेशा है कि सोने-चांदी के जेवर भी उसमें शामिल हैं। उससे हुई पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों से पुलिस को इसकी जानकारी हुई है। इसलिए उसे कस्टडी रिमांड पर लिया जा रहा है। शुक्रवार को अविनाश की निशानदेही पर बड़ी बरामदगी की संभावना है।
पुलिस ने टिन्नू यादव, सुभाष, अनुकल्प, लवकुश, मनीष, करुणेश, रमाशंकर के साथ अविनाश को गिरफ्तार किया था। सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये अविनाश के पास से बरामद हुए थे। साथ में डॉलर भी थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की पूछताछ में उसने और रकम होने की बात स्वीकार की है, जिसे उसने अयोध्या और प्रतापगढ़ स्थित अपने पैतृक घर में छिपाया है। इसलिए पुलिस ने सबसे पहले उसी को कस्टडी रिमांड पर लेने की अर्जी दी, जो मंजूर हो चुकी है। शुक्रवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। रकम व जेवर आदि बरामद करने के लिए उसे अयोध्या और प्रतापगढ़ ले जाया जाएगा।
भाई की भूमिका की भी जांच
सोशल मीडिया पर अविनाश के भाई का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह नोटों की गड्डियां लेकर रील बनाता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ महीने पहले वह अयोध्या आया था। वह अविनाश के साथ ही रहता था। इसके बाद वह वापस प्रतापगढ़ चला गया। अब उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। रकम ठिकाने लगाने में उसकी संलिप्तता का अंदेशा है। साक्ष्यों की तस्दीक होने के बाद उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।
कई और आरोपी लिए जा सकते हैं रिमांड पर
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के 14 दिनों तक पुलिस कस्टडी रिमांड मांग सकती है। पहली बार में सिर्फ एक आरोपी को रिमांड पर पुलिस ले रही है। सूत्रों के मुताबिक, जैसे-जैसे साक्ष्य मिलते जाएंगे, उसी आधार पर अन्य आरोपियों में से भी किसी न किसी को रिमांड पर लेने के लिए अर्जी दी जाएगी।