लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में इमारतों में फायर सेफ्टी और अवैध निर्माण को लेकर चल रहे अभियान के तहत कानपुर में प्रशासन फुल एक्शन मोड में बना हुआ हैं. बुधवार (24 जून) को जाजमऊ क्षेत्र में कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने कई इमारतों पर कार्रवाई की. इस दौरान बेसमेंट में संचालित कोचिंग संस्थानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों वाले भवनों को सील किया गया. इस एक्शन के तहत विधानसभा स्पीकर सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना के कोचिंग सेंटर पर भी कार्रवाई हुई है.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में ऐसी इमारतों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके बाद कानपुर विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध तरीके से चल रही इमारतों पर फायर सुरक्षा की जांच के लेकर अभियान चलाया गया. तभी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. वहीं दूसरी तरफ कई भवन मालिक अचानक हो रही इस कार्रवाई पर सवाल भी उठा रहे हैं.
सतीश महाना के भाई बिट्टू महाना के कोचिंग सेंटर को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि उनके सेंटर में क्लासेस और रेस्टोरेंट, दोनों ही बेसमेंट में अवैध रूप से चल रहे थे. अधिकारियों ने निरीक्षण किया, दस्तावेज खंगाले और बेसमेंट में चल रही गतिविधियों पर रोक लगा दी.
केडीए पर बिना नोटिस बिल्डिंग सील करने का आरोप
केडीए की इस कार्रवाई के दौरान भवन स्वामी बिट्टू महाना ने प्राधिकरण के एक्शन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विकास प्राधिकरण की जानकारी और अनुमति के बिना कोई भी बड़ी इमारत नहीं बन सकती. उनका कहना था कि उनकी बिल्डिंग वर्ष 2005-06 में बनकर तैयार हो गई थी और तब से अब तक किसी भी अधिकारी ने कोई आपत्ति नहीं जताई. उन्होंने दावा किया कि बिना पूर्व नोटिस दिए ही भवन को सील कर दिया गया.
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आरोपों पर केडीए अधिकारियों ने दी सफाई
वहीं, केडीए अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों और भवन उपविधियों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब से बेसमेंट के अंदर कोई कोचिंग क्लासें नहीं चलाई जा सकेंगी. इसके साथ उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए अभियान चलाकर इमारतों की जाँच की जाए. जिस बिल्डिंग के लिए जो परमिशन दी गई है उसका पालन जरूरी है. यहीं नहीं अगर बेसमेंट पार्किंग के लिए बना है तो उसमें सिर्फ वहीं होना चाहिए.