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Chitrakoot News: सर्प की अधिकांश प्रजातियां विषहीन होती हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले और यह पता न हो कि वह जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए. एक्सपर्ट ने इसको लेकर खास जानकारी दी है.
चित्रकूट: बरसात का मौसम शुरू होते ही गांवों और कस्बों में सांप निकलने की घटनाएं तेजी से बढ़ जाती हैं. ऐसे समय में खेतों, घरों और आंगनों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. चित्रकूट सहित बुंदेलखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में हर साल बारिश के दौरान सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं. लेकिन आज भी कई लोग सांप के काटने के बाद अस्पताल जाने के बजाय झाड़-फूंक और अंधविश्वास का सहारा लेते हैं, जिससे समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार मरीज की जान तक चली जाती है.
जानकारी के लिए बता दें कि बारिश के मौसम में सांपों के बिलों में पानी भर जाता है. ऐसे में वे सुरक्षित और सूखी जगह की तलाश में घरों, खलिहानों, खेतों और पशुशालाओं की ओर निकल आते हैं. इसी वजह से लोगों का उनसे सामना होने और सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है और जानकारी के अभाव के कारण लोग इसका सही इलाज नहीं करवा पाते हैं.
घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत
वहीं इस संबंध में सीएचसी मानिकपुर के अधीक्षक डॉ. शेखर वैश्य ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि बरसात के समय लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सभी सांप जहरीले नहीं होते हैं. सर्प की अधिकांश प्रजातियां विषहीन होती हैं और पानी में रहने वाले कई सांप भी जहरीले नहीं होते हैं, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले और यह पता न हो कि वह जहरीला था या नहीं, तो किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए.
सर्पदंश के बाद सबसे पहले मरीज को शांत रखें और घबराने न दें. जिस स्थान पर सांप ने काटा है, वहां किसी भी प्रकार का चीरा या कट बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए. कई लोग ब्लेड या किसी धारदार हथियार से जहर निकालने की कोशिश करते हैं, ऐसा करने से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. इसके अलावा सांप काटने वाली जगह पर रस्सी, कपड़ा या तार कसकर बांधना भी नुकसानदायक हो जाता है. मरीज को आराम से लिटाकर रखें और उसे अनावश्यक चलने-फिरने न दें, क्योंकि चलने से शरीर में जहर है तेजी से फैल जाता है.
अस्पताल में तुरंत कराएं भर्ती
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि सबसे जरूरी बात यह है कि मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाना चाहिए. अस्पतालों में सर्पदंश के इलाज के लिए एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रहता है, जिससे समय पर उपचार मिलने पर अधिकांश मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश जैसी स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र या घरेलू उपायों में समय बर्बाद न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत उसको नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.