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Mau Famous Sweets: मऊ के राजवंती स्वीट्स हाउस की प्रसिद्ध रसमलाई इन दिनों लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. शुद्ध खोए, गाढ़ी रबड़ी, लौंग और इलायची के बेमिसाल संगम से तैयार यह मिठाई मुंह में जाते ही घुल जाती है. कम मीठी होने के कारण इसे शुगर के मरीज भी चाव से खाते हैं. मऊ ही नहीं बल्कि आजमगढ़, बलिया और गोरखपुर तक इस ₹45 की रसमलाई की भारी डिमांड है, जिसके रोजाना करीब 1000 पीस बिक जाते हैं.
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में इन दिनों मिठाइयों के शौकीनों के बीच ‘राजवंती स्वीट्स हाउस’ की रसमलाई पहली पसंद बनी हुई है. इस रसमलाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मुंह में जाते ही मखमली अंदाज में घुल जाती है. इसका बेमिसाल स्वाद हर किसी को इस कदर अपना दीवाना बना रहा है कि जो भी व्यक्ति इसे एक बार चख लेता है, वह बार-बार यहां आने पर मजबूर हो जाता है.

राजवंती स्वीट्स हाउस के ओनर आर्यन मद्धेशिया बताते हैं कि उनके यहां की तमाम मिठाइयों में रसमलाई सबसे ज्यादा मशहूर है. इस रसमलाई को कोई व्यक्ति यदि एक बार खा लेता है, तो वह इसे दोबारा खाने के लिए जरूर आता है. यही कारण है कि उनके प्रतिष्ठान पर सबसे ज्यादा बिकने वाली मिठाइयों में रसमलाई शीर्ष पर है. यह पूरी तरह से शुद्ध खोए से तैयार की जाती है, जिसकी वजह से लोग इसे बेहद पसंद करते हैं. इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ मऊ ही नहीं, बल्कि आजमगढ़, गोरखपुर और बलिया जैसे बड़े शहरों से आने वाले लोग भी इसे अपने साथ पैक कराकर ले जाते हैं.

इस रसमलाई को बनाने के लिए सबसे पहले दूध का खोवा बनाया जाता है और खोवा बनाने के बाद उसका रबड़ी बनाया जाता है और उसे रसमलाई का आकार दिया जाता है. सिर्फ खोया का या मिठाई बनाया जाता है जिसकी वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं. इसे बनाने में करीब 2 से 3 घंटे लग जाते हैं जिससे इसका स्वाद काफी स्वादिष्ट होता है और मऊ जनपद में सबसे फेमस मिठाइयों में रसमलाई मानी जाती है.
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रसमलाई को स्वादिष्ट बनाने के लिए दूध का खोवा बनाने के बाद उसमें लवग और इलायची डालकर इसका स्वाद बनाया जाता है और खोवा इस प्रकार से रसमलाई को का बनाया जाता है ताकि यह मुंह में जाते ही आसानी से घुल जाए. उनके स्वीट हाउस पर बिकने वाली सबसे अधिक मिठाई यही है जिसकी मांग अधिक रहती है. सुबह से शाम तक यह मिठाई लगभग 800 से 1000 पीस आसानी से बिक जाती है.

सुबह से शाम तक यह रसमलाई सबको गर्म दी जाती है जिससे इसका स्वाद काफी बेहतर लगता है. यहां इस मिठाई को लोग खाने से ज्यादा घर पैक करा कर लेकर जाते हैं क्योंकि स्वादिष्ट ऐसा है कि जो खाता है वह घर भी लेकर जाता है और यही वजह है कि इसे खाने के लिए काफी दूर से दूर चले आते हैं. अगर बात करें कीमत की तो इस रसमलाई की कीमत ₹45 प्रति पीस है. स्वाद में काफी लाजवाब है जिसकी वजह से मऊ में मिठाइयों में सबसे पहली पसंद या लोगों की बनती जा रही है.

मिठाई का स्वादिष्ट होने का कारण यह भी बनता है क्योंकि यह सिर्फ दूध और खोवा से या मिठाई बनाई जाती है जिसमें हल्का शक्कर का मात्रा होता है जिसकी वजह से शुगर के मरीज भी खा लेते हैं. यही वजह है कि लोग इसे काफी पसंद करते है. सुबह से शाम तक बिकने वाली या मिठाई हर किसी की पहली पसंद बन गई है. हालांकि मऊ जनपद में रसमलाई तो कई जगह मिलती है लेकिन राजवंशी स्वीट हाउस की रसमलाई हर किसी की पहली पसंद बन गई है.

अगर बात करें समय का तो यह राजवंशी स्वीट हाउस पर सुबह 10:00 बजे से देर रात्रि 10:00 बजे तक मिलता है. हालांकि इस स्वीट्स हाउस पर मिठाईयां तो कई बनाई जाती है लेकिन सबसे पहली पसंद हर किसी की रसमलाई ही बनती है. मऊ में रसमलाई की बात ही अलग है क्योंकि रसमलाई यह ऐसी मिठाई है जो मुंह में जाते ही घुल जाती है. यदि आप इस मिठाई को एक बार खा लेंगे तो बार-बार खाने पर मजबूर हो जाएगे.