अंबेडकरनगर में पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग ने नैपियर घास का सीड बैंक तैयार किया है। योजना के तहत गौशालाओं और किसानों के खेतों में नैपियर घास का रोपण कराया गया है। किसानों को इसकी जड़ें निःशुल्क देने के साथ निराई-गुड़ाई के लिए अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग का मानना है कि इससे गौशालाओं और पशुपालकों को वर्षभर बेहतर गुणवत्ता का हरा चारा उपलब्ध हो सकेगा। जिले की गौशालाओं में भूसा और अन्य चारे के लिए धनराशि मिलने तथा दान प्राप्त होने के बावजूद पौष्टिक चारे की कमी महसूस की जाती रही है। इसी समस्या के समाधान के लिए विभाग ने नैपियर घास के उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है। नैपियर घास की जड़ें निःशुल्क उपलब्ध योजना के तहत जिले की 23 गौशालाओं में नैपियर घास लगाई गई है, ताकि वहां संरक्षित पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक चारा मिल सके। इसके अलावा 20 किसान और पशुपालकों के चार हेक्टेयर क्षेत्र में भी नैपियर घास का रोपण कराया गया है। पशुपालन विभाग ने लाभार्थी किसानों को नैपियर घास की जड़ें निःशुल्क उपलब्ध कराई हैं। साथ ही निराई-गुड़ाई और रखरखाव के लिए प्रति किसान चार हजार रुपये का अनुदान भी दिया गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि योजना से जुड़े किसान तैयार घास को गौशालाओं में बेच सकेंगे। इसके अलावा वे अन्य किसानों को भी नैपियर घास की जड़ें उपलब्ध कराकर इसके उत्पादन को बढ़ावा देंगे। उन्होंने बताया कि सीड बैंक मॉडल के तहत लाभार्थियों को अगले वर्ष प्राप्त मात्रा से दोगुनी नैपियर घास की गांठें सीड बैंक को वापस करनी होंगी। इससे हर वर्ष उत्पादन और लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि होगी। पशुपालन विभाग ने चारा नीति के अंतर्गत भविष्य में तहसील स्तर पर भी नैपियर घास के सीड बैंक स्थापित करने की योजना बनाई है, ताकि जिले के अधिक से अधिक पशुपालकों को इसका लाभ मिल सके और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
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अंबेडकरनगर में बना नैपियर घास का सीड बैंक:पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की पहल, किसानों को मुफ्त जड़ें और अनुदान